नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने भारती एयरटेल को अपने मोबाइल ग्राहकों के वेरिफिकेशन आधार के जरिए करने के अधिकार को बहाल कर दिया है. हालांकि एयरटेल को यह मंजूरी कुछ शर्तों के साथ दी गई है. मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यूआईडीएआई ने एयरटेल पेमेंट बैंक को ई-केवाईसी के लिए आधार के प्रयोग की सुविधा बहाल नहीं की है. दिसंबर में एयरटेल का आधार का इस्तेमाल करने के बाद प्राधिकरण ने उसे कुछ समय के लिए इस सुविधा के इस्तेमाल की छूट दे रखी थी.

जानकरी के मुताबिक एयरटेल को आधार कानून के अनुपालन को लेकर तिमाही रिपोर्ट देनी होगी तथा समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा. यूआईडीआई ने यह पाया कि कंपनी ‘महत्वपूर्ण बातों’ का अनुपालन कर रही है और प्राधिकरण को लगातार इस बारे में जानकारी भी दो रही है. एयरटेल के इसी कदम के बाद यूआईडीएआई ने यह फैसला लिया. कुछ समय पहले एयरटेल ने अपने बहुत से मोबाइल ग्राहकों की मंजूरी के बिना ही इन खातों में करोड़ों रुपए की एलपीजी सब्सिडी जमा करवा दी थी.

सरकार और यूआईडीएआई ने दिसंबर में इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी को अपने मोबाइल ग्राहकों के वेरिफिकेशन तथा पेमेंट बैंक के ग्राहकों के ई-केवाईसीके लिए आधार आधारित पर रोक लगा दी थी. इसी कदम के बाद एयरटेल तथा एयरटेल पेमेंट बैंक पिछले साल यूआईडीएआई के निशाने पर आए. बाद में एयरटेल को कुछ शर्तों के साथ निश्चित अवधि के लिए अपने मोबाइल ग्राहकों के फिर से वेरिफिकेशन के लिए आधार के उपयोग को मंजूरी दे दी. इस ताजा कदम से यूआईडीएआई ने भारती एयरटेल के ई- केवाईसी लाइसेंस बहाल कर दिया है.

ये चीजें ऐसे समय हुई हैं जब बैंक खातों तथा मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ने की समयसीमा पहले ही अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दी गई हैं. यह तब तक के लिये बढ़ाया गया जब तक पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ इस मामले में फैसला नहीं सुनाती.