लखनऊ: यूपी विधानपरिषद के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बसपा को एक सीट पर समर्थन करने का फैसला किया है. इसके जरिये सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव राज्यसभा चुनाव में बसपा की हार की भरपाई करेंगे. सपा विधान परिषद की एक सीट पर लड़ेगी, जबकि दूसरी सीट पर बसपा का समर्थन करेगी.

सपा और बसपा में पिछले महीने राज्यसभा और विधान परिषद का चुनाव मिलकर लड़ने की सहमती बनी थी. उस समय बसपा सुप्रीमो मायावती ने घोषणा की थी कि राज्यसभा चुनाव में सपा अपने अतिरिक्त वोट बसपा उम्मीदवार को देगी. इसके बदले बसपा विधान परिषद चुनाव में सपा प्रत्याशियों का समर्थन करेगी. राज्यसभा चुनाव में सपा और बसपा ने एक-एक उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन बसपा के भीमराव आंबेडकर चुनाव हार गए. ऐसे में बसपा की हार की भरपाई के लिए सपा अध्यक्ष ने विधान परिषद की एक सीट पर बसपा प्रत्याशी के समर्थन का ऐलान किया है.

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दो सीटों के बजाय एक ही सीट पर उम्मीदवार खड़ा करेगी सपा 

सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि पार्टी विधानपरिषद चुनाव में दो सीटों के बजाय एक ही सीट पर उम्मीदवार खड़ा करेगी और दूसरी सीट पर बसपा का समर्थन करेगी. इस सवाल पर कि क्या सपा गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव में जीत दिलाने वाला समर्थन मिलने की एवज में बसपा को एक सीट दे रही है, उन्होंने कहा कि हाल के राज्यसभा चुनाव में भाजपा की ‘चालबाजी’ की वजह से सपा की तमाम कोशिशों के बावजूद बसपा का प्रत्याशी नहीं जीत सका था. सपा चाहती है कि विधानपरिषद में बसपा का एक सदस्य जरूर पहुंचे.

 

13 सीटों पर आगामी 26 अप्रैल को होंगे चुनाव 

उत्तर प्रदेश में खाली हो रही 13 विधान परिषद की सीटों पर आगामी 26 अप्रैल को चुनाव होंगे. निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, 16 अप्रैल के तक नामांकन होगा. 17 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 19 अप्रैल को नाम वापसी हो सकेगी. 26 अप्रैल को सुबह नौ बजे से अपरान्ह चार बजे तक मतदान होगा. मतगणना भी 26 अप्रैल को शाम पांच बजे के बाद होगी.

5 मई को अखिलेश यादव समेत 12 विधान परिषद सदस्यों का समाप्त हो रहा कार्यकाल 

बता दें कि 5 मई को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत 12 विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होगा. इनमें भाजपा के महेंद्र कुमार सिंह और मोहसिन रजा, सपा के अखिलेश यादव, नरेश उत्तम, राजेंद्र चौधरी, मधु गुप्ता, रामसकल गुर्जर, विजय यादव, उमर अली खान, बसपा के विजय प्रताप, सुनील कुमार चित्तौड़ तथा राष्ट्रीय लोकदल के चौधरी मुश्ताक हैं. इसके अलावा एक सीट अंबिका चौधरी की पहले से खाली चल रही है. मालूम हो कि चौधरी ने सपा से बसपा में जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था.