लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा और बसपा के गठबंधन पर तीखा तंज किया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग ‘सर्कस के शेर’ बन गए हैं और वे खुद पर भरोसा करने के बजाय दूसरे की ‘जूठन’ पर निर्भर हो गए हैं. उन्होंने विधान परिषद में समाज को बहरूपिया ब्रांड बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी अच्छी जानकारी है. सीएम योगी ने विधान परिषद में वर्ष 2018-19 के बजट पर चर्चा के दौरान सपा-बसपा के गठजोड़ पर कटाक्ष करते हुए किसी का नाम लिये बगैर कहा, ‘कुछ लोग आजकल सर्कस के शेर हो गये हैं. सर्कस का जो शेर होता है वह शिकार करने में असमर्थ होता है, इसलिये दूसरों की जूठन पर ही निर्भर होता है.’

समाजवाद को लेकर कहा, बहरुपिए ब्रांड के बारे में है जानकारी
योगी ने समाजवाद को लेकर भी एक शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर सपा सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पीठ से इसे सदन की कार्यवाही से निकालने का अनुरोध किया. योगी ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि समाजवाद ‘मृगतृष्णा’ से ज्यादा कुछ नहीं है. देश समाजवाद नहीं, बल्कि रामराज्य चाहता है. मुख्यमंत्री ने समाजवाद के बारे में कहा कि उन्हें इस ‘बहुरूपिये ब्रांड’ के बारे में अच्छी जानकारी है. क्या उत्तर प्रदेश में इसका वीभत्स रूप गुंडाराज के तौर पर देखने को नहीं मिला है?

किसानों को दी राहत, यही है रामराज्य
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने चार लाख 28 हजार करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है. पिछले साल जुलाई में पेश बजट में कृषि विभाग को आवंटित धन का 98 प्रतिशत खर्च हो चुका है. इसके अलावा ऊर्जा विभाग का 95 फीसद, गृह विभाग का 100 प्रतिशत, पंचायती राज का 78 फीसद, लोक निर्माण विभाग का 65 प्रतिशत, चिकित्सा शिक्षा विभाग का 87 फीसद धन खर्च किया जा चुका है. योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नौ लाख 71 हजार मकानों का निर्माण स्वीकृत किया. करीब 32 लाख परिवारों को बिजली के कनेक्शन दिए. किसानों को कई तरीकों से राहत दी. यही रामराज्य है.