उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सत्ता संभालते ही एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने अयोध्या में रामायण म्यूजियम के निर्माण के लिए 25 एकड़ जमीन आवंटित किए जाने की सहमति दे दी। इस म्यूजियम का काम अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम योगी ने 154 करोड़ की धनराशि को भी मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि रामायण म्यूजियम बीजेपी के चुनावी एजेंडे में शामिल था।

रामायण म्यूजियम का प्रपोजल केंद्र की मोदी सरकार ने रखा था। उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार की सहमति ना मिलने के कारण यह प्रोजेक्ट लटका हुआ था। योगी आदित्यनाथ ने शपथ ग्रहण करने के बाद प्राथमिकता में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी और इसके लिए जमीन और धनराशि का आवंटन किया। सरकार ने ये फैसला उस वक्त लिया है जब आज ही मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर पर अहम टिप्पणी की है।

मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने भी अयोध्या राम मंदिर मुद्दे पर एक बड़ी टिप्पणी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों से आपस में मामला सुलझाने को कहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि कोर्ट के बाहर मसला नहीं सुलझा पाए तो जज मध्यस्थता करने को तैयार हैं। कोर्ट ने कहा कि ये धर्म और आस्था का मामला है। कोर्ट ने 31 मार्च को अगली सुनवाई की तारीख तय की है।

यह भी पढ़ेंः राम मंदिर पर SC की अहम टिप्पणी, मुद्दा कोर्ट के बाहर सुलझाएं, नहीं तो हम बैठे हैं

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मंदिर विवाद को संवेदनशील और भावनात्मक मामला बताते हुए मंगलवार को कहा कि इस विवाद का हल तलाश करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को नए सिरे से प्रयास करने चाहिए। प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ऐसे धार्मिक मुद्दों को बातचीत से सुलझाया जा सकता है और उन्होंने सर्वसम्मति पर पहुंचने के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश भी की।