लखनऊ: गोरखपुर दौरे पर गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार लगाया. इस दौरान लखनऊ से शिकायत लेकर पहुंचे प्रॉपर्टी डीलर आयुष सिंघल का आरोप है कि जनता दरबार में मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी शिकायत नहीं सुनी और शिकायती पत्र को फेंकते हुए कहा कि मामले में कार्रवाई नहीं होगी. जनता दरबार से बाहर निकले आयुष ने फफक-फफककर अपनी पीड़ा बताई.

गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार लगाया. इस जनता दरबार में लखनऊ के अलीगंज निवासी प्रॉपर्टी डीलर आयुष सिंघल भी आए. उन्होंने चिनहट थाना के पपना मऊ में लगभग साढ़े 22 बीघा जमीन को पिता-बेटे अमरमणि-अमनमणि त्रिपाठी पर कब्जाने का आरोप लगाया. पीड़ित आयुष सिंघल के मुताबिक, जब वह सीएम के जनता दरबार में गोरक्षपीठ पहुंचे और अपना प्रार्थना पत्र देकर संक्षिप्त में पूरा घटनाक्रम सुनाना चाहा तो मुख्यमंत्री ने उनका प्रार्थना पत्र नीचे फेंक दिया और कहा कि आवारा कहीं के जाओ, तुम्हारी सुनवाई कहीं नहीं होगी.

 

बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र अमनमणि त्रिपाठी ने किया है जमीन पर कब्जा
इस घटना के बाद आयुष रोते हुए जब मंदिर से बाहर निकले तो मीडियाकर्मियों से उन्होंने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस सरकार से काफी उम्मीदें थी, लेकिन इस सरकार ने भी धक्का मारकर बाहर कर दिया. आयुष का आरोप है कि उनकी जमीन पर नौतनवां के पूर्व विधायक व मंत्री बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी और वर्तमान विधायक उनके पुत्र अमनमणि त्रिपाठी ने कब्जा कर रखा है. जिसे वापस लेने के लिए वह लगातार दोनों सरकारों में भाग-दौड़ करते रहे, लेकिन इस सरकार में भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी.

योगी के जनता दरबार में उमड़ी भारी भीड़, मची अफरातफरी

किसी सरकार में नहीं हो रही कार्रवाई
इस संबंध में उन्होंने पिछली सरकार से ही शासन-प्रशासन से तमाम गुहार लगाई, किंतु पिछली सरकार में उनकी सुनवाई ना होने के कारण जब प्रदेश में नई सरकार बनी तो कुछ उम्मीद की किरण दिखाई दी. इस मामले को लेकर सवाल उठता है कि जब इंसाफ देने वाले ही अगर पीड़ितों से इस तरह का बर्ताव करेंगे तो फिर आम आदमी को इंसाफ कैसे मिलेगा.