लखनऊ: जमीन की हेराफेरी में लिप्त चकबंदी अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी आयुक्त हरेंद्र वीर सिंह ने 10 अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है.

2 अधिकारियों का डिमोशन, 6 को मूल वेतन पर भेजा

भ्रष्टाचार में लिप्त इन अधिकारियों में से 2 अफसरों का डिमोशन किया गया, 6 अधिकारियों को मूल वेतन पर भेजा गया और दो अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी गयी.
गोंडा जिले के मामले में दो अधिकारियों व एक कर्मचारी को चार्जशीट दी गई है और सबको परिनिन्दित भी किया गया है.
4 अप्रैल को जारी आदेश के अनुसार सहारनपुर के तत्काल चकबंदी अधिकारी दिनेश कुमार सेमवाल को सहायक चकबंदी अधिकारी के मूल पद और मूल वेतन पर भेजा गया.विभागीय जाँच जारी है वर्तमान में बिजनौर में तैनात दिनेश सेमवाल पर आरोप है कि उन्होंने धारा 132 की नदी और ग्राम सभा की जमीन अवैध रूप से चकदारों के नाम कर दी थी. श्रावस्ती के तत्कालीन चकबंदी अधिकारी श्री राम लखन रावत जो वर्तमान में बहराइच में तैनात हैं को चकबंदी अधिकारी के मूल वेतन पर भेजा गया . आरोप है कि उनके द्वारा नामांतरण आदेश द्वारा अनुचित ढंग से लाभ पहुंचाया गया.
फर्रुखाबाद के तत्कालीन चकबंदी अधिकारी अजय कुमार वर्मा जो वर्तमान में बदायूं में तैनात हैं को ग्राम सभा की जमीन को इधर-उधर दर्ज करने पर सहायक चकबंदी अधिकारी के मूल पद एवं वेतन पर भेजा गया.
इस्लामिया मदरसे का नाम बिना किसी आधार के निरस्त किया
मुजफ्फरनगर के तत्कालीन चकबंदी अधिकारी राजेश कुमार जो इस समय बागपत में तैनात हैं पर आरोप है कि उन्होंने इस्लामिया मदरसे का नाम बिना किसी आधार के निरस्त किया और व्यक्ति विशेष को संक्रमणीय भूमिधर घोषित किया. इसलिए उन्हें चकबंदी अधिकारी के मूल वेतन पर भेजा गया.

लिखित खातेदार का नाम खारिज कर दूसरे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के आरोप

लखनऊ के तत्कालीन चकबंदी अधिकारी श्री श्याम नारायण अग्निहोत्री जो वर्तमान में गोंडा में तैनात हैं पर लखनऊ के गांव सरसंवा में लिखित खातेदार का नाम खारिज कर दूसरे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के आरोप है. जिसके कारण श्री अग्निहोत्री की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई.
उन्नाव के तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी गजराज सिंह जो वर्तमान में बस्ती में तैनात हैं को धमियाना में गड़बड़ी के आरोप में सहायक चकबंदी अधिकारी के मूल वेतन पर भेजा गया.
मुजफ्फरनगर के तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी लखीराम जोशी जो वर्तमान में संभल में तैनात हैं को सहायक चकबंदी अधिकारी के मूल वेतन पर भेजा गया है.

वन विभाग की जमीन दूसरों के नाम
लखीमपुरखीरी के सहायक चकबंदी अधिकारी आदित्य नारायण झा जो वर्तमान में बाराबंकी में तैनात हैं पर वन विभाग की जमीन दूसरे लोगों के नाम करने का आरोप है उनकी वेतन वृद्धियां रोकी गई.
शाहजहांपुर के सहायक चकबंदी अधिकारी सुरेश कुमार शर्मा को नियमविरुद्ध चक बनाने के आरोप में मूल वेतन पर भेजा गया.
फैजाबाद के तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी सुजीत कुमार श्रीवास्तव जो वर्तमान में बिजनौर में तैनात हैं को भी मूल वेतन पर भेजा गया ,आरोप है कि उनके द्वारा पक्षकारों को सुने बिना ही अनियमित आदेश पारित किए गए.
गोंडा में चकबंदी अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, सहायक चकबंदी अधिकारी रामनिवास वर्मा, चकबंदी कर्ता मोहम्मद असलम द्वारा गोंडा की ग्राम पंचायत अन्दूपुर में गलत आदेश का अनुपालन कराए जाने पर आरोप पत्र जारी किया गया और विभागीय कार्यवाही की जा रही है.