लखनऊ: छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के दो छात्रों की छेड़छाड़ और धमकी से परेशान बीसीए छात्रा ने सोमवार दोपहर कल्याणपुर के आदर्शनगर स्थित अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी. इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर गुस्साए परिजनों ने बुधवार को जमकर हंगामा किया. बता दें कि डेढ़ माह पूर्व छात्रा के पिता ने आरोपितों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में मुकदमा लिखाया था. आरोप है कि कालेज की एचओडी ने छात्रों का पक्ष लिया तो रविवार को पुलिस ने भी दबाव बनाकर समझौता करा दिया. इससे वह बुरी तरह आहत थी. पिता ने बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में दोनों छात्रों, एचओडी व चौकी इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया.

जानकारी के मुताबिक, रावतपुर गांव निवासी डेंटिस्ट की बेटी छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी. सोमवार सुबह वह पढऩे के लिए घर की पहली मंजिल पर अपने कमरे में गई. दोपहर में मां उसे खाना खाने के लिए बुलाने गईं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला. मां ने खिड़की से झांककर देखा तो छात्रा का शव पंखे से फंदे पर लटक रहा था. इस पर उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों और पति को सूचना दी. इसके बाद पुलिस भी पहुंची. छात्रा को फंदे से उतारा गया लेकिन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

 

दोनों छात्र काफी समय से कर रहे थे छेड़छाड़

घटना के बाद छात्रा की मां और पिता ने छात्रा के साथ पढऩे वाले छात्र अनिकेत दीक्षित व उसके दोस्त थर्ड ईयर के छात्र अनिकेत पांडेय को बेटी की मौत का दोषी ठहराया. साथ ही कल्याणपुर पुलिस और कालेज की एचओडी पर भी आरोप लगाए. पिता ने कहा कि दोनों छात्र काफी समय से बेटी से छेड़छाड़ कर रहे थे. रविवार को चौकी इंचार्ज ने बेटी के साथ उन्हें बयान के लिए बुलाया, जहां कोर्ट-कचहरी का डर दिखाकर यह लिखवा लिया कि कोई कार्रवाई नहीं चाहते. बेटी ने इन्कार किया तो उसे फटकार लगाई. तब बेटी ने भी दस्तखत कर दिए. इसी बात से बेटी परेशान थी और उसने फांसी लगा ली.

परिजनों ने की नारेबाजी 

पुलिस द्वारा आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने पर छात्रा के परिजनों ने बुधवार को पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया. मृतक छात्रा के परिवार का कहना है कि कालेज में दो साथी छात्रों द्वारा उनकी बेटी को परेशान किया जा रहा था और पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की थी, बल्कि उसे यह धमकी दी थी कि उसे बुरे परिणामों का सामना करना पड़ सकता है.