गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज का दौरा किया. उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी थे. अस्पताल के निरीक्षण के बाद सीएम ने पत्रकारों से बात की और इन्सेफेलाइटिस से हुई मौतों पर भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि मैं 1996 से इस लड़ाई को लड़ रहा हूं. मेरी पीड़ा को कोई नहीं समझ सकता. उन्होंने मीडिया से भी फैक्स रिपोर्टिंग करने की अपील की है. जानिए उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें…

  • सीएम योगी ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बारे में जो भी समाचार चल रहे हैं उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चिंतित हैं. उन्होंने हर संभव सहायता का भरोसा दिया है. इसी सिलसिले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा जी को यहां भेजा है. इन्सेफेलाइटिस के लिए चिकित्सकों की एक उच्चस्तरीय टीम भी केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई है.
  • हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि इस प्रकरण की जांच आवश्यक है.
  •  सीएम योगी ने कहा कि इंसेफेलाइटिस के खिलाफ हमने एक मुहिम चलाई हुई है. मुख्यमंत्री बनने के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज का यह मेरा चौथा दौरा था.
  • आदित्यनाथ ने कहा कि 1996 से इन्सेफेलाइटिस से खिलाफ लड़ रहा हूं. मेरी पीड़ा को कोई नहीं समझ सकता. (इस दौरान वो भावुक हो गए)
  •  योगी ने पत्रकारों से वार्डों मे जाकर मुआयना करने के लिए कहा और उन्होंने कहा कि इनसिफलाइटिस की लड़ाई मैनें सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ी.
  • उन्होंने कहा चीफ सेक्केटरी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है जो बीआरडी मेडिकल कालेज की घटना के दोषियों को रिपोर्ट सौंपेगी. सरकार दोषियों को बख्शेगी नहीं. ऐसी कठोर कार्वायी करेगी जो मानक बनेगी.
  • सीएम योगी ने कहा कि यह सियासत नहीं बल्कि संवेदना का विषय है. जब गुलाम नबी आजाद स्वास्थ्य मंत्री थे तो उन्होंने कहा कि हम यहां कुछ नहीं कर सकते यह स्टेट का मामला है. पहली बार 90 लाख बच्चों का वेक्सीनेसन हुआ है. मैं मीडिया से सकारात्मक पहल की उम्मीद करता हूं.

अब तक क्या-क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पांच दिनों के भीतर हुई 60 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. शनिवार को यूपी सरकार ने अस्पताल के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया. ऑक्सीजन की सप्लाई खत्म होने की उच्च स्तरीय जांच के भी आदेश दिए गए. हालाकि मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन से हुई मौतों से साफ इनकार कर दिया. बता दें कि गोरखपुर पिछले 20 सालों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चुनाव क्षेत्र है.