लखनऊ। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूम बच्चों की मौत पर यूपी सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन खत्म होने से नहीं बल्कि अलग-अलग कारणों से हुई है. मेडिकल शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है. घटना की उच्चस्तरीय जांच के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी. जानें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें…

ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई मौतें
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि गैस सप्लाई बाधित होने से बच्चों की मौत नहीं हुई है. लिक्विड गैस की सप्लाई बाधित हुई थी लेकिन सिलेंडर से सप्लाई जारी रही थी. अस्पताल में नाजुक बच्चे आते हैं. बच्चों की मौत का कारण अलग-अलग हैं लेकिन गैस की सप्लाई की कमी से मौत नहीं हुई.

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प्रिंसिपल निलंबित, उच्चस्तरीय जांच समिति
मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि गैस सप्लॉयर ने 1 तारीख को मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को एक पत्र लिखा था. उन्होंने उस पत्र को अग्रसारित किया और वहां से पांच तारीख को भुगतान भेज दिया गया जो सात तारीख को आया. डीलर का कहना है कि वह 11 तारीख को मिला. इस भुगतान में देरी क्यों हुई? उसके बावजूद ऑक्सीजन जीनव रक्षक रसायन है उसकी आपूर्ति क्यों रोकी गई? इस सब के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक जांच समिति बना रहे हैं. इसकी उच्चस्तरीय जांच होगी. प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है.

मंत्रियों ने किया अस्पताल का दौरा
बच्चों की मौत के मामले में स्थिति की समीक्षा के लिए राज्य के सिद्धार्थ नाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन शनिवार को शहर के लिए रवाना हुए. दोनों मंत्री जमीनी स्तर पर स्थिति की समीक्षा करने और इस मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए शहर के दौरे के लिए रवाना हुए हैं. दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और गृहनगर के लिए रवाना होने से पूर्व उन्हें स्थिति से अवगत कराया.