शाहजहांपुर : केंद्र और राज्य सरकारें एक ओर जहां बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों के जरिये समाज में लिंग भेद की समस्या खत्म करने का प्रयास कर रही हैं, दूसरी ओर बेटे की चाहत अब भी समाज में कई कुरीतियों और मुश्किलों का कारण बना हुआ है. ताजा घटना में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के दोनों हाथ सिर्फ इसलिए तोड़ दिए क्योंकि उसने लगातार तीन बेटियों को जन्म दिया था.

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुभाष चंद्र शाक्य ने मंगलवार को बताया कि लखीमपुर खीरी जिले में चपरतला गांव की रहने वाली एक महिला की शादी सिधौली थानाक्षेत्र के बाबरा गांव में शैलेंद्र कुमार से 12 वर्ष पूर्व हुई थी. शादी के बाद महिला ने तीन बेटियों को जन्म दिया जिस कारण बेटे की चाहत रखने वाले ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी.

शाक्य ने बताया कि पीड़ित महिला से उसके पति तथा परिजनों ने 30 मार्च को मारपीट की. इसके बाद चार अप्रैल को फिर उसे काफी मारा-पीटा जिसके चलते उसके दोनों हाथ टूट गए. इस दौरान पीड़िता के पिता अपनी बेटी से मिलने आए तो उन्होंने बेटी की हालत देखकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया.

पुलिस ने पति शैलेंद्र कुमार, ससुर दाताराम, देवर जितेंद्र तथा सास रेशमा के विरुद्ध दहेज और मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है.