लखनऊ: यूपी के बहराइच से बीजेपी की सांसद सावित्री बाई फुले अपनी ही केंद्र की सरकार के खिलाफ आंदोलन के लिए तैयार हैं. उन्होंने केंद्र सरकार की एससी/एसटी नीतियों के खिलाफ एक अप्रैल को लखनऊ में रैली करने की घोषणा की है. वह इससे पहले भी एससी/एसटी को नौकरी और प्रमोशन में रिजर्वेशन की मांग को लेकर आंदोलन कर चुकी हैं. उन्होंने अपने समर्थन में यूपी के कई जिलों में रैलियां की थीं. उनका कहना है कि आरक्षण के खिलाफ साजिश रची जा रही है. उसे बचाने के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है.

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यूपी के बहराइच से सावित्री बाई फुले सांसद हैं. एएनआई की खबर के अनुसार बीजेपी की सांसद लखनऊ में एक अप्रैल को रैली करेंगी. उनका कहना है कि यह रैली एससी/एसटी को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ होगी. बता दें कि एससी/एसटी को नौकरी और प्रमोशन में आरक्षण की मांग को लेकर तीन महीने पहले सावित्री बाई फुले ने बहराइच से आंदोलन शुरू किया था. इसके बाद लखनऊ, बिजनौर, कन्नौज और कानपुर समेत पश्चिमी यूपी के जिलों में भी रैलियां कर उन्होंने आरक्षण की मांग की. बहराइच सांसद का कहना है कि नमो बुद्धाय सेवा समिति की तरफ से हमारा आंदोलन पूरे प्रदेश में चल रहा है.

 

विवादों में रही हैं बीजेपी सांसद
बीजेपी सांसद विवादों में रही हैं. बहराइच में कुछ समय पहले नेशनल हाइवे बना रही एक बड़ी कंपनी ने पुलिस से लिखित शिकायत की थी कि बहराइच की बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले उनसे कमीशन मांग रही हैं, जिसे ना देने पर उन्होंने कंपनी के अफसरों के खिलाफ झूठी एफआईआर करा दी है. वहीं बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया था कि वह हाईवे की गुणवत्ता की जांच कर रही थीं. इससे नाराज प्रोजेक्ट मैनेजर ने समर्थकों के सामने उन्हें गालियाँ दी.

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धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला हो चुका है दर्ज
इससे पहले अगस्त, 2015 को बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले के खिलाफ श्रावस्ती के सीजीएम कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुआ था. उन पर आरोप था कि वर्ष 2009 में श्रावस्ती के इकौना कस्बे में भाजपा प्रत्याशी सत्यदेव सिंह के समर्थन में आयोजित एक जनसभा में सावित्री बाई फुले ने भड़काऊ भाषण दिया था. इसके बाद उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज हुआ और कोर्ट ने उन्हें पेशी के लिए बुलाया था, लेकिन पेश न होने पर उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ था.