लखनऊ: उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और सिद्धार्थनगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं तोड़े जाने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है. बसपा प्रमुख मायावती ने जहां इसे प्रदेश सरकार की विफलता करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. योगी ने अधिकारियों से कहा है कि वे अपने जनपद में स्थापित महापुरुषों की मूर्तियों की सुरक्षा में पूरी सतर्कता बरतें.

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के लिए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए, जिससे वे शांति व्यवस्था भंग करने की स्थिति न उत्पन्न कर सकें. योगी ने अधिकारियों को ये निर्देश भी दिए हैं कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं. इसके लिए सभी जन प्रतिनिधियों सहित समाज के गणमान्य व्यक्तियों के साथ बैठक करके शांति व्यवस्था बनाए रखने में उनका सहयोग लिया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अमन-चैन का माहौल कायम रखना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. शांति व्यवस्था को बाधित करने वाले तत्वों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी.

इससे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इलाहाबाद में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को तोड़ने की घटनाओं पर दुख व्यक्त किया है. मायावती ने कहा कि योगी सरकार को इस प्रकार के जातिवादी मामलों में अपनी असंवेदनशीलता को त्याग कर कानून का कड़ाई से पालन करते हुए दोषी असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए कि इन दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

मायावती ने अपने बयान में प्रदेश के इलाहाबाद व सिद्धार्थनगर जिले में बाबा साहेब की प्रतिमाओं को तोड़े जाने की ताजा घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में जातिवादी हिंसा, तनाव, विद्वेष व टकराव आदि पैदा करने वाली इस प्रकार की घटनाओं के मामले में सरकार की कानूनी सख्ती नहीं होने के कारण ही ऐसी अप्रिय घटनाओं से प्रदेश व यहां की सरकार कलंकित हो रही है. इन मामलों में सरकार द्वारा केवल नई मूर्ति की स्थापना करने से ही समस्या का समाधान पूरे तौर से होने वाला नहीं है, बल्कि इसके लिए कानून का सख्ती से अनुपालन करना बहुत जरूरी है.

मायावती ने ऐसे तमाम मामलों में लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की फिर से अपील करते हुए कहा कि बाबा साहेब इस देश के संविधान के निर्माता हैं और भारतरत्न भी हैं. उनके नाम पर किसी को भी ऐसा कोई भी काम कतई नहीं करना चाहिए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा पर थोड़ी भी आंच पाए.

उन्होंने कहा, “बाबा साहेब ने हर काम कानूनी तौर से किया तथा अपने अनुयायियों के लिए वोटों के बहुमूल्य अधिकार सहित अन्य अनेक प्रकार के संवैधानिक व कानूनी अधिकार भी दिए हैं, जो कि उनके लिए संघर्ष व सत्ता का जबर्दस्त हथियार भी है.” मायावती ने कहा कि घटना के विरोध में शांतिपूर्वक धरने पर बैठे बाबा साहेब के अनुयायियों की मांगों को योगी सरकार को संज्ञान लेकर उनकी मांगें माननी चाहिए.

बसपा प्रमुख ने कहा कि गुजरात राज्य में अपने खेत पर काम की सहूलियत के लिए घुड़सवारी करने पर एक दलित युवक की निर्मम की गई हत्या यह साबित करती है कि भाजपा शासित गुजरात राज्य में अभी भी जातिवाद का विष कितना ज्यादा गहरा है, जिसे वहां की सरकार रोक नहीं पा रही है. प्रथम दृष्टया दोषियों को इस मामले में भी बचाती हुई नजर आ रही है.