नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष मायावती बीजेपी की अगुवाई वाली केन्द्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की दलित और अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी सोमवार से जनता को आगाह करने के अभियान का आगाज करेंगी.

बीएसपी द्वारा शनिवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सरकार की दमनकारी नीतियों के प्रति जागरुक करने के इस अभियान की शुरुआत मेरठ में 18 सितंबर से होगी. इसके लिए आयोजित विशाल रैली को मायावती संबोधित करेंगी.

पिछले महीने संसद के मानसून सत्र में राज्य सभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद मायावती की यह पहली बड़ी रैली होगी. मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद जिलों में दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए बीएसपी ने जनजागरण अभियान की शुरुआत मेरठ से करने की पहल की है.

विज्ञप्ति के अनुसार, बीजेपी की केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों, किसान, मजदूर, गरीब खासकर दलित विरोधी गतिविधियों को जातिवाद, सांप्रदायिक और पूंजीवाद के हथियार से संचालित कर रही है. बीजेपी की इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए बीएसपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीएसपी प्रमुख की मेरठ रैली से विशेष अभियान की शुरुआत कर रही है.