लखनऊ: उन्नाव जेल में मौत मामले में मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. उन्नाव की गैंग रेप पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग गंभीर, मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर मामले पर रिपोर्ट मांगी है.

रेप विक्टिम ने न्याय की मांग में सीएम कार्यालय के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया था. जिसके पश्चात आरोपियों ने पीड़ित के पिता की पिटाई की थी और पुलिस से शिकायत पर पुलिस ने उलटे रेप विक्टिम के बुरी तरह से घायल पिता पर ही केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था. जिसकी न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी.

मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि डीजीपी बताएं कि न्यायिक हिरासत में हुई मौत की रिपोर्ट आयोग को 24 घंटे के अन्दर क्यों नहीं दी गई ?

शरीर पर 18 चोटों के निशान अत्यधिक रक्तस्राव से हुई मौत
उन्नाव गैंग रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा. सूत्रों के मुताबिक पहले दिन की पिटाई में ही पीड़ित की लार्ज इंटेस्टाइन फट गई थी जिसके चलते सेप्टिसीमिया हो गया था, डॉक्टरों की पैनल टीम ने आंत का टुकड़ा और विसरा सुरक्षित रख लिया है. हॉस्पिटल का एक वीडिओ भी वायरल हुआ था जिसमे पीड़िता के पिता के जिस्म पर जख्मो के निशान साफ दिख रहे थे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर 18 चोटों की पुष्टि, बेल्ट से भी पीटे जाने के निशान, आंतरिक चोटें भी पाई गईं और अत्यधिक रक्तस्राव के चलते पीड़ित की मौत हो गई.

उन्नाव गैंग रेप मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
मामले में भले ही बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल की गिरफ्तारी हो गई हो लेकिन अभी भी पुलिस आरोपी विधायक को बचाने में जुटी हुई प्रतीत होती है जिसके चलते पीड़ित परिवार सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचा. पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की, पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता वो संघर्ष जारी रखेंगे, आरोपी विधायक की गिरफ़्तारी और फांसी की सजा की मांग कर रहा है पीड़ित परिवार.

सीएम कार्यालय से मुआवजे की पेशकश -पीड़ित परिवार ने ठुकराई
उन्नाव गैंगरेप मामले में पीड़ित परिवार को उत्तर प्रदेश सीएम कार्यालय से मुआवजे के रूप में सहायता राशि देने की पेशकश की गई जिसे पीड़ित परिवार ने ठुकराते हुए कहा कि उन्हें न्याय चाहिए. पीड़ित परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है. उन्नाव गैंगरेप मामले में जांच टीम पहुंची, एसपी क्राइम लखनऊ के नेतृत्व में जांच शुरू, कल एडीजी ने एसपी क्राइम को जांच दी थी.

क्या हुआ अब तक

आज सुबह आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल को पुलिस ने किया गिरफ्तार, उन्नाव के बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में बीजेपी सरकार बुरी तरह घिर गई है. इससे पहले कि रविवार को विधायक पर लगे रेप के आरोप पर सरकार कुछ कार्रवाई करती, सोमवार को युवती के पिता की जेल में मौत हो गई, मामले के मीडिया में तूल पकड़ते ही आनन-फानन में त्वरित कार्रवाई करते हुए एडीजी राजीव कृष्णा ने उन्नाव के एसओ अशोक सिंह को सस्पेंड कर चार लोगों को हिरासत में लिया.

लखनऊ से एएसपी क्राइम टीम के साथ उन्नाव पहुंचे, प्रमुख सचिव गृह अरविंद सिंह ने नोटिस जारी करते हुए उन्नाव जेल के डीजी और जिला प्रशासन से पूरे मामले की तत्काल रिपोर्ट तलब की, वहीं युवती की शिकायत पर एडीजी ने मामले की जांच सीओ कैंट तनु उपाध्याय को सौंप दी. क्राइम ब्रांच को मिले कुछ साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार की सुबह विधायक के भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

उन्नाव गैंग रेप और हिरासत में विक्टिम के पिता की मौत मामले में उन्नाव के डीएम कैम्प कार्यालय में पीड़िता और उसके परिवार ने डीएम से भी मुलाकात की और विधायक कुलदीप सेंगर की गिरफ्तारी की मांग की. पीड़ित परिवार लखनऊ में यूपी के सीएम आदित्य नाथ योगी से भी मुलाकात करेगा.
लखनऊ से एडीजी एलओ प्रवीण कुमार ने इस केस के बाबत बताया कि उन्नाव पुलिस को इस मामले की जांच से दूर रखा गया है, साथ ही यह भी बताया की मामले में धारा 302 के अंतर्गत भी मामला दर्ज कर लिया गया है, प्रवीण कुमार ने बताया कि आरोपी पर धारा 147, 323, 504, 302 लगाई गई है, एडीजी एलओ के मुताबिक आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी.
वहीँ उन्नाव सीजेएम कोर्ट में गैंग रेप केस के आरोपियों की पेशी हुई और कोर्ट ने सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. भाजपा के आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर समेत सभी आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए.
उधर भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर का एक कथित ऑडियो भी सामने आया है जिसमे आरोपी विधायक पीडिता के चाचा पर मामले को खत्म करने का दबाव बना रहा है.