लखनऊ: यूपी सरकार ने विपक्ष के भारी विरोध के बीच यूपीकोका बिल विधानसभा और विधान परिषद में पास करा लिया. प्रदेश में संगठित अपराध पर नियंत्रण करने के लिए कटिबद्ध प्रदेश सरकार द्वारा यह कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि संगठित अपराध विश्वव्यापी समस्या बन गया है, प्रबुद्धजनों और जनप्रतिनिधियों के साथ आम आदमी भी इसका शिकार हो रहे हैं राज्य की सीमाएं सीमाएं अन्य प्रदेशों के साथ नेपाल से भी जोड़ती है अतः पड़ोसी देशों से रिश्तो को देखते हुए भी जनता को सुरक्षा की गारंटी देने और संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए एक सख्त कानून की आवश्यकता थी.

विपक्ष के विरोध के बाद यूपीकोका पास

विपक्ष की आपत्ति को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस कानून का उपयोग संगठित अपराध के खिलाफ ही किया जाएगा, जिससे माहौल खराब करने वाले फिरौती, ठेके, अवैध खनन, वन कटान, नकली दवा, अवैध शराब बंदी और रंगदारी वसूलने वाले लोगों पर समय रहते कड़ी कार्यवाही की जा सकेगी. इसके साथ ही शांति भंग करने आतंकवाद और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाले लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा. यह विधेयक इस दिशा में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा.

यूपीकोका की विशेषताएं 

संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2017 यूपीकोका के तहत पुलिस अपराधी को 30 दिन तक रिमांड में ले सकती है जबकि मौजूदा कानून के तहत 15 दिनों तक के लिए ही अपराधी की रिमांड मिल सकती  है, यूपीकोका कानून के अंतर्गत अपराधी को कम से कम 5 साल की सजा मिलेगी जबकि अधिकतम सजा के लिए फांसी का प्रावधान है, इस कानून के तहत मामलों की निगरानी खुद प्रदेश के गृह सचिव करेंगे साथ ही मंडल स्तर के आईजी रैंक के अधिकारी की सहमति के बाद ही आरोपी पर इस कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. प्रस्तावित बिल में गैरकानूनी तरीके से कमाई गई संपत्ति को भी शामिल किया गया है. साथ ही इस बिल में यूपीकोका से जुड़े तमाम मामलों की सुनवाई के लिए अलग से विशेष अदालत बनाए जाने का प्रावधान किया गया है.

नहीं होगा कानून का दुरूपयोग !

गौरतलब है कि इस कानून का दुरुपयोग किए जाने की संभावना को नकारते हुए मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि “हमने महाराष्ट्र कर्नाटक से बेहतर प्रावधान किए हैं जिससे इसका दुरुपयोग नहीं हो सकता” उन्होंने कहा कि यूपी कोका प्रदेश की जनता को सुरक्षा प्रदान करने और संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने में कारगर साबित होगा. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की 22 करोड़ जनता की सुरक्षा को लेकर उनकी सरकार कटिबद्ध है.