झाँसी: गुरुवार को तेलंगाना एक्सप्रेस लेबर रूम बन गई. यात्रा कर रही प्रेग्नेंट महिला को इतनी प्रसव पीड़ा हुई कि मौके पर पहुंचे डॉक्टरों ने ट्रेन के कोच में ही डिलीवरी कराने का फैसला कर लिया. महिला ने ट्रेन में बच्चे को जन्म दिया. इस दौरान करीब 45 मिनट तक झाँसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म चार पर खड़ी रही. महिला और उसके जन्मे बच्चे को देखने के लिए लोग इतने उत्सुक रहे कि कोच के आसपास भीड़ लगी रही.

दरअसल, कानपुर के कल्यानपुर के रहने वाले जमाल खान अपनी प्रेग्नेंट पत्नी चांदनी के साथ यात्रा कर रहे थे. वह तेलंगाना एक्सप्रेस में आन्ध्र प्रदेश के फलकनुमा स्टेशन से कानपुर जाने के लिए एस कोच में सवार हुए. झाँसी में उन्हें ट्रेन बदल कानपुर की ट्रेन में बैठना था. रात करीब 2 बजे तेलंगाना एक्सप्रेस झाँसी रेलवे स्टेशन पहुंची. इसी दौरान जमाल की पत्नी चाँदनी को पेट में तेज़ दर्द होने लगा. दर्द इतना भयंकर था कि महिला को ट्रेन से उतारना मुश्किल हो गया. सूचना मिलने पर रेलवे के चिकित्सक डॉ. अनुराग साहू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे.

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ट्रेन में ही डिलीवरी कराने का लिया फैसला
डॉक्टर्स की टीम ने महिला की स्थिति देखने के बाद ट्रेन में ही डिलीवरी कराने का फैसला लिया. इसके लिए उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से बात की. अधिकारियों ने इसकी इजाज़त दे दी. कोच के लोगों को प्लेटफार्म पर जाने को कहा गया. कोच को बंद करने के बाद ट्रेन में ही महिला की डिलीवरी कराई गई. महिला ने बच्चे को जन्म दिया. डिलीवरी के बाद महिला और बच्चे को ट्रेन से उतार झाँसी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया. इस बीच 45 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही. ट्रेन में व प्लेटफार्म पर मौजूद लोगों के लिए यह कौतूहल का विषय गया कि ट्रेन के कोच को ही लेबर रूम बना दिया गया. ट्रेन में जन्मे बच्चे को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही. 45 मिनट बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया. चिकित्सकों ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. अगर ट्रेन में ही डिलीवरी नहीं कराई जाती तो मुश्किल हो सकती थी.

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इससे पहले भी ट्रेन में हुई हैं डिलीवरी
10 अक्टूबर, 2017 को मुंबई के दादर स्टेशन पर एक 26 वर्षीय महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया था. महिला सलमा शेख कल्याण से सीएसटी जा रही थी. जब ट्रेन दादर स्टेशन पर रुकी तभी सलमा को पेट में दर्द शुरू हुआ. स्टेशन पर मौजूद यात्रियों, आरपीएफ की महिला विंग और वन रुपीज क्लीनिक के डॉक्टर मदद से महिला ने बच्ची को जन्म दिया था. इसके बाद बच्ची और सलमा शेख दोनों को केईएम अस्पताल भेजा गया था. 10 अप्रैल 2017 को नागपुर में ऐसा हुआ था. एमबीबीएस फाइनल इयर के 24 साल के स्टूडेंट विपिन खडसे ने अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस ट्रेन में एक महिला की सफल डिलीवरी कराई थी. इस युवा डॉक्टर ने अपने सीनियर्स से व्‍हाट्सएप पर मिले निर्देशों को फॉलो करते हुए ट्रेन में ही महिला का प्रसव कराया था. विपिन खडसे नागपुर के गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के फाइनल इयर का स्टूडेंट थे. तब वह डॉक्टर बने थे. महिला ने ट्रेन में बेटे को जन्म दिया था.