लखनऊ: ऑस्ट्रेलिया में चल रहे कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पूनम यादव शुक्रवार को वाराणसी पहुंचीं. इस दौरान एयरपोर्ट पर अगवानी करने के लिए पूनम के घरवालों के साथ बड़ी संख्यां में लोग हवाई अड्डे पर स्वागत करने पहुंचे. सुबह से ही लोग भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीत कर देश का नाम रौशन करने वाली बनारस की लाडली बिटिया का इंतजार कर रहे थे.

शुक्रवार को बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमान से उतर कर पूनम यादव जैसे ही मुख्य टर्मिनल के बाहर आई लोगों की भीड़ ने नारेबाजी कर बनारस की बेटी का स्वाटगत किया. इसके बाद वह अपने पैतृक घर दांदूपुर के लिए रवाना हुईं. इस दौरान वह जीप में सवार हुईं और हाथों में तिरंगा लहराते हुए लोगों के अभिवादन को स्वीभकार किया. रास्तेा भर में लोगों ने फूल बरसाए और भारत माता की जय के नारे लगाए. जगह-जगह विभिन्न संस्थाओं की ओर से गोल्डेन गर्ल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. स्वागत से पूनम भावविह्वल हो गई, वहीं उसके आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े. गांव पहुंचने पर पूनज यादव की मां और दादी सहित अन्यं घरवालों और पड़ोसियों ने फूल-माला से स्वागत किया.

 

 

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कॉमनवेल्थ गेम्स में 220 किलोग्राम भार उठाकर देश के लिए जीता सोना

बता दें कि वाराणसी की रहने वाली पूनम यादव ने बीते रविवार को ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रही 21वें कामनवेल्थ गेम्स में 69 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 220 किलोग्राम भार उठा कर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता. इससे पहले वर्ष 2014 में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कामनवेल्थ गेम्स में पूनम ने 63 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था. पूनम यादव की इस उपलब्धि पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है. साथ ही उन्हें राजपत्रित अधिकारी की नौकरी भी मिलेगी.