लखनऊ: यूपी की राजधानी में सर्वधर्म से जुड़े लोगों की आपसी बातचीत के दौरान अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की वकालत की गई. यहां के मकबरा सआदत अली खां निकट हजरत महल पार्क में रामजन्म भूमि अयोध्या बनाम विवादित ढांचा समाधान वार्ता हुई. इसमें हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई, आदि धर्मं के लोगों ने हिस्सा लिया. इस दौरान प्रस्ताव पास किया गया कि अयोध्या में श्रीराम की जन्मभूमि है. वहां पर राम मंदिर को बनाया जाए. ताकि इंसानियत और मुहब्बत का पैगाम पूरी दुनिया में फैले.

आपसी वार्ता के दौरान अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य इन्द्रेश ने कहा कि देश में सभी धर्म प्रेम सिखाते हैं. आलिम दीन को समझते हैं. शैतान आपस में लड़वाने काम करते हैं. मौलानाओं ने कहा कि हमें अपने दीन में मुक्कमल रहते हुए दूसरे के दीन की इज्‍जत करनी चाहिए. अयोध्‍या में राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्‍या से दूर 14 कोसी परिक्रमा के बाहर एक भव्‍य मस्जिद का भी निर्माण कराया जाए.

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बड़ी लाइब्रेरी बनें, जिसमें हों मजहबी के साथ दुनियावी किताबें 

इसके साथ ही एक बड़ी लाइब्रेरी बनाई जाए, जिसमें मजहबी के साथ दुनियावी किताबें हो. इसके साथ ही एक रिसर्च सेंटर बनाया जाए, जिसमें यहां से अच्‍छे स्‍कॉलर निकलें, जो कि देश की तरक्‍की में अपना योगदान दें सकें. इस दौरान वार्ता में मौजूद सभी लोगों ने प्रस्‍ताव का समर्थन किया. वार्ता में वाराणसी से स्‍वामी मुस्लिम समाज के कई वरिष्‍ठ मौलाना समेत सिख और ईसाई समाज के लोग भी मौजूद रहे.

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