उन्नाव: एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार उन्नाव पुलिस, जिला कारागार और डॉक्टर सभी की लापरवाही सामने, एसआईटी के अनुसार अगर पुलिस सक्रिय होती तो मामला इतना गंभीर न होता.

एसआईटी ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच का भी सुझाव दिया है और उन्नाव पुलिस को भी मामले में दोषी माना है. रिपोर्ट में वहां की एसपी पुष्पांजलि को हटाने की संस्तुति की बात भी की जा रही है और पुलिस अफसरों पर कदम-कदम पर लापरवाही बरतने का जिक्र किया गया है.
एसआईटी जांच रिपोर्ट के पश्चात भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को आरोपी बनाया है – विधायक पर एफआईआर दर्ज़ हो चुकी है.

उन्नाव जिला अस्पताल के 2 डॉक्टर समेत सीएमओ, ईएमओ सस्पेंड
सरकार ने की उन्नाव कांड की सीबीआई जांच की सिफारिश की, पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में मौत की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई, उन्नाव जिला अस्पताल के 2 डॉक्टर सीएमओ,ईएमओ सस्पेंड, दोनों डॉक्टरों पर विभागीय जांच के भी दिये गये आदेश, जेल अस्पताल के 3 डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की संस्तुति, पीड़िता के पिता के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप, सीओ सफीपुर कुंवर बहादुर सिंह भी लापरवाही के आरोप में सस्पेंड, पीड़िता के परिवार को सुरक्षा देने का भी दिया गया आदेश, शासन ने उन्नाव जिला प्रशासन से भी मांगी थी रिपोर्ट.
एसआईटी के साथ जेल डीआईजी और उन्नाव जिला प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी गई थी , एक साथ तीनों रिपोर्ट मिलने के बाद गृह विभाग ने मामले को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया.

 

विधायक के परिवार और रेप पीड़िता के परिवार में पुरानी रंजिश ?
एडीजी जोन राजीव कृष्ण के नेतृत्व में गठित इस टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में विधायक और रेप पीड़िता के परिवारों के बीच पुरानी रंजिश की भी बात सामने आई है, एसआईटी ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच का भी सुझाव दिया है और उन्नाव पुलिस को भी मामले में दोषी माना है. रिपोर्ट में वहां की एसपी पुष्पांजलि को हटाने की संस्तुति की बात भी की जा रही है और पुलिस अफसरों पर कदम-कदम पर लापरवाही बरतने का जिक्र किया गया है.

मामले के तूल पकड़ने के बाद गंभीर हुई योगी सरकार
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट तलब की थी. इसके मद्देनजर डीजीपी ने एसआईटी टीम गठित कर उन्नाव भेजी थी. यह टीम बुधवार को उन्नाव के माखी क्षेत्र में स्थित पीड़िता के घर पहुंची, वहां दो घंटे से भी ज्यादा समय तक पीड़िता व उसके परिवारीजनों से पूछ-ताछ की.
विधायक पक्ष के भी पांच लोगों से पूछताछ की गई एसआईटी ने उन्नाव के डीएम व एसपी से अलग से मीटिंग कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली. अपनी जांच पूरी कर बुधवार देर शाम एसआईटी टीम लखनऊ लौट आई और प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को सौंप दी, डीजीपी ने प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को रिपोर्ट सौंप दी है.