लखनऊ: उन्नाव रेप केस के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बावजूद पुलिस अभी उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी. गुरुवार को डीजीपी ने प्रेस कांफ्रेस कर उन्हें ‘माननीय विधायक’ कहकर संबोधित किया. इस पर पत्रकारों ने सवाल उठाया तो डीजीपी ने कहा कि अभी वे (विधायक कुलदीप सिंह सेंगर) केस में दोषी साबित नहीं हुए हैं, ऐसे में ‘माननीय विधायक’ कहने में कोई हर्ज नहीं है.

लखनऊ में गुरुवार को गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की. उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया गया है. ऐसे में सीबीआई ही यह तय करेगी कि आरोपी विधायक को कब गिरफ्तार करना है या नहीं. साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक सीबीआई इस मामले को अपने हाथ में नहीं ले लेती तब तक एसआईटी अपनी जांच जारी रखेगी. विधायक की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर यूपी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. इस पर डीजीपी ने कहा कि राज्य पुलिस पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है और वह इस मामले में जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है.

पीड़िता के परिवार को मुहैया कराई जाएगी सुरक्षा
डीजीपी ने कहा कि पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. इस मामले में गठित एसआईटी अपना काम कर रही है. डीजीपी ने कहा कि आज ही सीबीआई जांच की अर्जी केंद्र सरकार को भेजी जाएगी. जब तक सीबीआई मामले को टेक ओवर नहीं करती एसआईटी जांच जारी रहेगी. विधायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376 ,506 और पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. ऐसे में पुलिस तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है. लेकिन विधायक के मामले में पुलिस ऐसा करने से इनकार कर रही है.

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