लखनऊ: आंबेडकर जयंती के मौके पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आंबेडकर जयंती की बधाई देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बाबा साहेब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर रही है. उनके नाम पर योजनाएं बना रही है, लेकिन इससे दलितों का कुछ भला नहीं होगा. इससे दलितों का विकास नहीं होगा. वहीं, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश में जहां-जहां बीजेपी की सरकारें हैं, वहां दलितों पर अत्याचार बढ़ा है. दलितों पर झूठे मुक़दमे दर्ज किए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था खराब है.

 

दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दलितों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को दलितों के प्रति दोहरी बातें नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पीएम की नीयत साफ़ और सही नहीं है. एससी-एसटी एक्ट को लेकर मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार की कमज़ोर पैरवी के चलते ये क़ानून कमज़ोर हो गया है. उन्होंने मांग की कि इस क़ानून को मूल रूप में वापस लाने के लिए बीजेपी को अध्यादेश लाना चाहिए.

अखिलेश ने कहा- यूपी में दलितों के साथ हो रहा अन्याय
वहीं, लखनऊ में पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यूपी में दलितों के प्रति क्राइम बढ़ रहा है. देश में जहां-जहां राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं, वहां दलितों के प्रति अन्याय हो रहा है. दलितों के प्रति झूठे मुक़दमे दर्ज किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यूपी में क्राइम बढ़ रहा है. उन्होंने इसके आंकड़े भी बताए. अखिलेश ने कहा कि खराब क़ानून व्यवस्था के बीच डायल 100 को कमज़ोर कर दिया गया, क्योंकि यह समाजवादी सरकार की योजना थी. यूपी सरकार एनकाउंटर से लोगों को धोखा दे रही है. उन्होंने उन्नाव रेप केस मामले में कहा कि अब सीबीआई सच्चाई सामने लाएगी.