लखनऊ: 13 अप्रैल की शुक्रवार की सुबह गिरफ़्तार होने के बाद रेप के आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सत्ता की हनक और दबदबा ढहता हुआ नज़र आया. दो दिन पहले तक जो विधायक रेप के आरोपों और सवालों को लेकर मीडिया से भिड़ रहे थे. खुद सीएम ऑफिस और एसएसपी ऑफिस पहुंच रहे थे. पीड़िता को निम्नस्तर का बता रहे थे. आरोपी होने के बाद भी यूपी के डीजीपी जिन्हें माननीय कह रहे थे. आरोपी होने के बाद भी पीड़ितों और गांव में उनका खौफ़ तारी था, सीबीआई की गिरफ्त में आए वही विधायक अर्स से फर्श पर आते दिखाई दिए. सीबीआई की टीम उन्हें अपने दफ़्तर में हाथ पकड़ कर ले जाती दिखाई दी. रेप के सवालों से घिरे विधायक सीबीआई के सामने फफक कर रो पड़े. 18 घंटे लंबी पूछताछ के दौरान विधायक सेंगर ने कभी खुद को निर्दोष बताया तो कभी घटना को राजनैतिक साजिश का हिस्सा बताया. सीबीआई ने आज विधायक को लखनऊ में सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया है. यहां उन्हें 14 दिन की रिमांड पर भेजा जा सकता है.

चेहरे पर दिखे उतार चढ़ाव, कैंटीन का खाना खाया

बता दें कि शुक्रवार को उन्नाव रेप केस के आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई ने अरेस्ट कर लिया. केस दर्ज होने के बाद राज्य सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफ़ारिश की थी. सीबीआई ने विधायक को उनके इंदिरानगर आवास से गिरफ़्तार किया था. सीबीआई के लखनऊ के ज़ोनल ऑफिस में उनसे लंबी पूछताछ की गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस दौरान उनके चेहरे पर उतार-चढ़ाव आते रहे. उन्होंने कैंटीन का खाना खाया. इस दौरान वह काफी शांत दिखे. सीबीआई के सामने उन्होंने यह मान लिया कि वह पीड़िता के पिता को जानते थे, लेकिन उन्होंने इस पूरी घटना का ज़िम्मेदार अपने समर्थकों को बता दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें मारपीट की घटना के बारे में बाद में पता चला. फिर इसके बाद उन्होंने जेल में बंद अपने समर्थकों द्वारा मारपीट की घटना किए जाने से इंकार कर दिया.


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सीबीआई ने उन्नाव पहुंच कर की पूछताछ
सीबीआई की टीम ने उन्नाव जाकर माखी पुलिस स्टेशन, जहां पीड़िता के पिता को मारपीट के बाद अरेस्ट कर जेल भेजा था, वहां पहुंच पूछताछ की. सीबीआई ने उस हॉस्पिटल के डॉक्टर्स व अन्य लोगों से भी पूछताछ की जहां मारपीट और हालत बिगड़ने के बाद पीड़िता के पिता को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. बता दें कि इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा था कि वह रेप के आरोपी बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी करेगी या नहीं. इस पहले सरकार कह रही थी कि विधायक को अरेस्ट नहीं किया जा सकता क्योंकि उनके खिलाफ़ कोई सुबूत नहीं हैं. इसीलिए विधायक को भरोसा था कि उन्हें अरेस्ट नहीं किया जाएगा, लेकिन मचते बवाल और हाईकोर्ट की फटकार के बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया गया.

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ये है पूरा मामला
बता दें कि 8 अप्रैल दिन रविवार को मुख्यमंत्री आवास के सामने उन्नाव की रहने वाली युवती ने परिवार के साथ सुसाइड की कोशिश की थी. युवती ने उन्नाव इलाके के बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था. 9 अप्रैल को युवती के पिता की उन्नाव में पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी. इसके बाद हड़कंप मच गया. मामले में दो पुलिस अधिकारियों व चार कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया था. साथ ही बीजेपी विधायक पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता के पिता को 3 अप्रैल को केस वापस लेने का दबाव बनाने को पीटने वाले चार लोगों को अरेस्ट किया गया था. शुक्रवार को इस मामले में बीजेपी विधायक को भी अरेस्ट कर लिया गया.