लखनऊ: इनामी बदमाश से ‘एनकाउंटर डील’ करने वाले यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर की नौकरी पर भी तलवार लटक रही है. उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि इनामी बदमाश से बात करने वाले झांसी के मऊरानीपुर इलाके के एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया. एसएचओ को नौकरी से हटाने की भी योजना बनाई जा रही है. एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई इनामी बदमाश और एसएचओ के बीच बातचीत के बारे में हमें पता है. एसएचओ की नौकरी पर भी ज़ल्द निर्णय होगा. एसएचओ को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है.

इंस्पेक्टर ने कहा था- मैं भी अपराधी हूं
डीजीपी के इस बयान से ज़ाहिर है कि एसएचओ को नौकरी से हटाया जा सकता है. इसकी योजना भी हो रही है. बता दें कि 14 अप्रैल शनिवार को यूपी के झांसी जिले के मऊरानीपुर थाना के एसएचओ इंस्पेक्टर सुनीत कुमार और इनामी बदमाश लेखराज सिंह के बीच बातचीत का एक ऑडियो सामने आया था. इस कथित ऑडियो में मऊरानीपुर इंस्पेक्टर सुनीत कुमार सिंह इनामी बदमाश से कह रहा था कि ‘अरे मैं भी पुराना अपराधी हूं. आप भले आदमी हैं. कोई कुछ नहीं कर पाएगा.’ इंस्पेक्टर ने बदमाश को एनकाउंटर से बचने के टिप्स भी दिए थे. इस ऑडियो के वायरल होने के एक दिन पहले ही 13 अप्रैल को इनामी बदमाश के साथ मुठभेड़ का दावा किया था. इस ऑडियो से यूपी पुलिस के मुठभेड़ के दावों पर ही सवाल खड़े हो गए थे. इसमें कुछ पुलिसकर्मियों को चोटिल भी बताया गया था.

 

दोनों के बीच ऑडियो में इस तरह हुई थी बातचीत…

बदमाश: ऑडियो में इनामी बदमाश द्वारा कहा जा रहा है कि अरे मदद करो यार, मदद करो.
इंस्पेक्टर: दो भाजपा नेताओं (विधायक सहित) को मैनेज करो आप.
बदमाश: तो सुनीत सिंह (इंस्पेक्टर) किसी से कम हैं क्या.

इंस्पेक्टर: मेरी बात समझिए अब मेरे बस का नहीं है. मेरे बस से बाहर है.
बदमाश: तो क्या तुम्हें डाकघर में बैठा दें. इतने बहादुर अधिकारी को क्या डाकघर में भेज दें.

इंस्पेक्टर: अरे, हम तो अपराधी रहे शुरू से और रहेंगे. (कहकहा लगता है) जाने कितने मार के फेंक दिए किनारे. जाने कितनी बार जेल काटे हैं. सब निपट गया मां की कृपा से. इतिहास हमारा बहुत खराब है. अब भविष्य अच्छा है.
बदमाश: हमारी मदद करो अब जो है. अरे कोई गलत काम है हमारा बताइए आप.

इंस्पेक्टर: अरे ओफ्फो, मदद, आपकी मदद तो ऊपर वाला कर रहा है. मेरी बात सुनिए. आप बढ़िया आदमी हैं. गलत काम कोई नहीं होता है. पिछले 14 सालों में कितने एनकाउंटर हुए यूपी भर में? नहीं हुए न. अब दौर चल रहा है. आपकी लोकेशन ट्रेस हो रही है.

बदमाश: तो अधिकारी कह रहे हैं कि मेरा एनकाउंटर कर दो. मदद करो हमारी नाती पोता हैं.
इंस्पेक्टर: अरे चीज़ों को समझिए. आफत यहीं फंस रही है. हम तो मदद करना चाहते हैं. हमने चंद्रपाल जी से कहा कि देखिए मदद करिए उनकी.

बदमाश: अरे यार इंस्पेक्टर इतना बड़ा होता है मदद करो.
इंस्पेक्टर: देखो सपा सरकार में भी आप जेल गए थे. गए या नहीं गए. विक्रम जब था. (विक्रम सिंह जिन इंस्पेक्टर ने इस इनामी बदमाश को जेल भेजा था) आपके ऊपर 60 मुक़दमे है. आप सबसे फिट है एनकाउंटर के लिए. ये मान लीजिए. अब आपकी मदद कौन करेगा ये आप जानो. आप, आपका लड़का, आपके गुर्गे हैं जितने…

बदमाश: हां, सब मारे जाएंगे.
इंस्पेक्टर: पट-पट-पट सब मारे जाएंगे. सरकार के हिसाब से काम करिए.

बदमाश: देखिए इंस्पेक्टर मुकदमा झूठा है. रिट लगाएगा तो झूठी थोड़े लगाएगा.
इंस्पेक्टर: देखिए हम तो आपको बता ही सकते हैं.

बदमाश: इतने छोटे मुक़दमे में मरना थोड़े ही हैं.
इंस्पेक्टर: देखिए फिर पंचायत फंसेगी तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे. इस मामले को निपटाओ आप.

बदमाश: अच्छा तो सीधे एनकाउंटर के आदेश हैं.
इंस्पेक्टर: हंसते हुए.. अब हम कुछ नहीं कहेंगे. जब होगा तब देखा जाएगा.

कौन है इनामी बदमाश लेखराज यादव
झांसी के मऊरानीपुर इलाके का रहने वाला लेखराज यादव कभी राजनीति में भी हाथ आजमाता था. वह सपा का ब्लॉक प्रमुख रहा है. लेखराज को काफी समय पहले सपा ने पार्टी से निकाल दिया था. लेखराज पर हत्या, लूट, डकैती अपहरण के दर्जनों मुक़दमे दर्ज हैं. लेखराज को सपा सरकार में भी जेल भेजा जा चुका है. लेखराज पर यूपी और एमपी में पुलिस ने इनाम घोषित किया था. जेल से बाहर आने के बाद उस पर हाल ही में फिर से पांच लाख की फिरौती मांगने का मुकदमा दर्ज हुआ है.