लखनऊ: बहराइच में एक बार तेंदुए ने दहशत फैलाई. बहराइच के खैरीपुरवा गांव में घुसे तेंदुए ने हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया. घायलों में एक महिला भी शामिल है. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम ने तेंदुए को काफी मशक्कत के बाद पकड़ लिया. तेंदुआ एक घर में फूस में घुस गया. इससे उसे निकालने में वह विभाग के पसीने छूट गए.

एक महिला सहित चार को किया घायल
बताया जा रहा है कि बहराइच के नानपारा कोतवाली के जूड़ा गांव में सोमवार को सुबह करीब सात बजे सात बजे एक तेंदुआ घुस गया. तेंदुए ने लोगों पर हमला कर दिया. इससे एक महिला सहित चार लोग घायल हो गए. तेंदुए के हमले की खबर फैलते ही गांव के लोग एकत्रित हो गए. लोगों से बचने के लिए तेंदुआ एक घर में फूस में घुस गया. तेंदुए को निकालने के लिए मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी. जिला वन अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि आख़िरकार तेंदुए को पकड़ लिया गया. नानपारा कोतवाल संजय दुबे ने बताया कि घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. तेंदुए के घुसने से गांव में दहशत है.

8 अप्रैल को बहराइच में तेंदुए से लड़ गया था बुजुर्ग
बता दें कि 8 अप्रैल उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत कतर्नियाघाट रेंज के चहलवा गांव के मजरा सिरसियनपुरवा के रहने वाले 55 साल के कुंजीलाल छुट्टा जानवरों से फसल को बचाने के लिए खेत में सोने गए थे. साथ में उनका पांच साल का पोता कमल नयन भी चला गया. शनिवार रात लगभग 12 बजे के आसपास खेत में तेंदुआ आ गया. तेंदुए में सोते हुए बच्चे को दबोच लिया. कमल के चीखने की आवाज़ सुन उसके दादा कुंजीलाल की जाग गए. हाल देख एकबारगी उनके भी होश उड़ गए. इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत बांधी और चंगुल में फंसे बच्चे को बचाने के लिए तेंदुए के सामने कूद पड़े. उन्होंने काफी देर तक लाठी लेकर तेंदुए से लड़ाई की. वह करीब 25 मिनट तक लड़ते रहे. आखिरकार तेंदुआ बच्चे को छोड़ जंगल की ओर भाग गया.

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