नई दिल्ली. आगामी अप्रैल माह से यदि आप ताजमहल देखने जाएंगे तो आपको 3 घंटे के भीतर ही पूरा परिसर देखकर बाहर आना होगा. साथ ही इसके पर्यटक टिकट में भी मामूली बढ़ोतरी होने जा रही है. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने आज संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का मकसद ताजमहल देखने के लिए देश विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों की संख्या पर कोई पाबंदी लगाना नहीं किंतु वह कुछ ऐसे कदम उठाने जा रही है जिससे यह विश्व प्रसिद्ध स्मारक आने वाली कई सदियों तक भारत का गौरव बना रहे.

उन्होंने बताया कि सरकार यह कदम नीरी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर उठाने जा रही है ताकि पर्यावरण एवं अन्य दृष्टियों से ताजमहल को सुरक्षित रखा जा सके. उन्होंने बताया कि ताजमहल परिसर में प्रवेश के लिए टिकट का मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए ई-टिकट भी उपलब्ध होगा.

शर्मा ने कहा कि टिकट पर बार कोड होगा जिससे यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि पर्यटक तीन घंटे से अधिक ताजमहल परिसर में नहीं रह पाएं. उन्होंने कहा कि अभी देखने में आया है कि कुछ लोग टिकट खरीदते हैं और 8-8 घंटे तक इस परिसर में रुक जाते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 साल की आयु तक के बच्चों और विद्यार्थियों के लिए ताजमहल में प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं लगेगा. उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी संभवत: 1 अप्रैल से शुरू हो जाएगी.

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उन्होंने कहा कि इस 50 रुपये के टिकट में मुख्य मकबरों का प्रवेश शामिल नहीं होगा. मुख्य मकबरों में प्रवेश के लिए 200 रुपये का विशेष टिकट शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस कदम के पीछे सरकार का मकसद पैसा कमाना नहीं बल्कि निर्मित भवनों की सुरक्षा और बेहतर जन प्रबंधन सुनिश्चित करना है. उन्होंने बताया कि आम दिनों में ताजमहल देखने के लिए 30 से 40 हजार पर्यटक आते हैं और अवकाश एवं विशेष अवसरों पर यह संख्या करीब एक लाख तक पहुंच जाती है. इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना कोई आसान नहीं है.

उन्होंने कहा कि ताजमहल में पर्यटकों के प्रवेश से निर्धारित समय से आधे घंटे पहले टिकट खिड़कियां खुलेंगी और बंद होने के निर्धारित समय से आधे घंटे पहले बंद हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि ऊंचे मूल्य वाले टिकट की भी व्यवस्था की जाएगी और ऐसे पर्यटकों को विशेष सुविधा दी जाएगी. शर्मा ने कहा कि महताब बाग से रात्रि दर्शन के भी प्रबंध किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ताज कॉरिडोर क्षेत्र तथा ताजमहल एवं आगरा किले के बीच हरियाली को विकसित किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि सरकार ने लपका संस्कृति के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने का निर्णय किया है ताकि पर्यटकों विशेषकर महिला पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके. उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्यटन मंत्रालय, आगरा विकास प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस मिलकर काम करेंगे. उन्होंने कहा कि लपका संस्कृति से देश के सभी पर्यटन स्थलों को मुक्त करने के दिशा में सरकार काफी गंभीर है.