लखनऊ: यूपी में कर्जमाफी कराने वाले करीब 8 हजार किसान ऐसे हैं, जिन्होंने नियमों के विरुद्ध जाकर कर्जमाफी का लाभ लिया है. ऐसे किसानों से प्रदेश सरकार वसूली करने कि तैयारी कर रही है. सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि नियमों के विरुद्घ जाकर कर्ज माफी कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्जमाफी योजना से वंचित किसानों के लिए राज्य सरकार ने 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. जिनको इस योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें आखिरी मौका दिया जाएगा.

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इलाहाबाद में पत्रकारों से कहा कि प्रदेश के ऐसे किसान, जिन्होंने 31 मार्च, 2016 से पहले बैंकों से कर्ज लिया है और उन्हें ऋण मोचन योजना का लाभ नहीं मिला है, योगी सरकार ने उन्हें 15 अप्रैल तक आवेदन करने का आखिरी मौका दिया है. उन्होंने कहा कि इस योजना के दायरे में आने वाले लघु व सीमांत किसान 15 अप्रैल तक सरकारी पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. बैंक किसी भी पात्र किसान को ऋण मोचन योजना का लाभ देने से नहीं रोक सकेंगे. इसके साथ ही सात लाख लम्बित प्रकरणों का भी निस्तारण इसी अवधि में किया जाएगा.

इस साल 50 लाख मिट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य
कृषि मंत्री ने कहा कि इस साल राज्य सरकार ने 50 लाख मिट्रिक टन गेहूं खरीद का भी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए प्रदेश भर में 5500 क्रय केन्द्र खोले जाएंगे. उन्होंने कहा कि गेंहूं खरीद का भुगतान 72 घंटे में किसानों के खाते में ऑनलाइन भेजा जाएगा. किसानों को 1735 रुपये प्रति कुंटल समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, जिस पर 10 रुपये खर्च के लिए मंडी समिति से अलग से दिया जाएगा.