लखनऊ: एससी/एसटी एक्ट को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर बीजेपी पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित तीन राज्यों में एससी/एसटी एक्ट को किए गए बदलाव के साथ लागू कर दिया गया है. इससे यह साबित होता है कि बीजेपी सामंती सोच की पार्टी है. उन्होंने कहा कि इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार का चाल, चरित्र व चेहरा पाखण्डी व दोहरे मापदण्ड वाला है क्योंकि पीएम कह रहे थे कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कानून को नहीं बदलने की मांग की है. वहीं मक्का मस्जिद विस्फोट मामले को लेकर उन्होंने कहा कि हैदराबाद की मक्का मस्जिद में बम विस्फोट के अति गंभीर मामले में भी सभी मुख्य दोषियों के बरी कर दिया गया. इससे लगता है कि केन्द्र सरकार देश में कानून का राज बिल्कुल भी नहीं चाहती है.

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मूल एससी/एसटी एक्ट बहाल करने की मांग
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि बीजेपी-शासित राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में राज सरकारों द्वारा एससी/एसटी एक्ट लगभग को बदलाव के साथ लागू करने का आदेश भी दे दिया है. यह अति-निन्दनीय है. उन्होंने कहा कि ‘क्या ऐसा करके बीजेपी की सरकारों ने अपनी ही पार्टी के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अविश्वास व्यक्त नहीं किया है, क्योंकि इनकी ही केन्द्र की सरकार ने माननीय सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा अर्जी दाखिल किया हुआ है और उस पर अभी सुनवाई जारी है.’

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सरकारी एजेंसियों का अपने हित में इस्तेमाल कर रही सरकार
मक्का मस्जिद में आरोपियों के बरी होने के मामले में मायावती ने कहा कि बीजेपी एजेंसियों को अपने हित में प्रयोग कर रही है. यह गलत नीति है. वह देश में अब जंगलराज को बढ़ावा देने में लगी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी की राज्य सरकारें अपने नेताओं पर से अपराधों के संगीन मामले भी कोर्ट से वापस लेकर यही साबित करने में लगी हुई है, वे लोग देश में कानून से ऊपर हैं. बीजेपी के इस खिलवाड़ के अध्याय को मिटाया नहीं जा सकेगा.