उन्‍नाव : उन्नाव का माखी गांव कुछ दिन पहले तक आम गांवों की तरह था, लेकिन अब इस गांव की फिज़ा बदल गई है. गांव में जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. चहल-पहल बेहद कम है. लोगों के ज़ेहन में गैंगरेप से जुड़ी बातें हैं, लेकिन कोई भी इस बारे में दबी जुबान से भी बात नहीं करना चाहता. गैंगरेप से जुड़े सवालों और जांच से बचने के लिए गांव के अधिकतर पुरुष गांव से चले गए हैं. गांव के कुछ लोगों ने बातचीत में बताया कि ‘गांव में बीजेपी विधायक के अधिक प्रभाव के चलते ही पीड़िता के परिवार को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सीधा कोर्ट जाना पड़ा. गांव का प्रशासन विधायक के ही निर्देश मानता है.’ बता दें कि ये वही गांव है, जहां की पीड़िता ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का आरोप लगाया है. बीजेपी विधायक भी इसी गांव के रहने वाले हैं.

घरों में पसरा सन्‍नाटा, गांव छोड़कर चले गए पुरुष
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मंगलवार (10 अप्रैल) को जब उनकी टीम बीजेपी विधायक के घर पहुंची तो वहां सन्‍नाटा पसरा था. बीजेपी विधायक के परिवार का कोई भी सदस्‍य वहां मौजूद नहीं था. उनका घर गैंगरेप पीड़िता के घर के सामने ही है. सेंगर के साथी महेंद्र त्रिवेदी वहां मौजूद थे. उनका कहना है कि विधायक के खिलाफ साजिश रची गई. उन्हें फंसाया गया है. विधायक पक्ष को छोड़ गांव के दूसरे लोगों में इस मुद्दे को लेकर खौफ है. यहां बीजेपी विधायक और उनके परिवार का इतना दबदबा है कि कोई भी व्‍यक्ति उनके खिलाफ मुंह नहीं खोल सकता. पूरे गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती है. अधिकांश पुरुष जांच और पूछताछ से बचने के लिए लंबे समय के लिए गांव छोड़कर जा चुके हैं.

पीड़िता के पिता की मौत के बाद विधायक के भाई सहित पिटाई के आरोपियों को अरेस्ट किया गया. (फोटो एएनआई)
पीड़िता के पिता की मौत के बाद विधायक के भाई सहित पिटाई के आरोपियों को अरेस्ट किया गया. (फोटो एएनआई)

पीड़िता की मां बोली- गांव में डर से कोई नहीं करेगा मदद
उन्नाव के डीएम आवास पर मौजूद पीड़िता की मां ने बताया कि जब तक स्थिति सामान्‍य नहीं हो जाती तब तक वे गांव नहीं लौटेंगे. उन्हें जान का खतरा है. पूरे गांव में बीजेपी विधायक का प्रभाव है, इसलिए कोई भी उनके परिवार की मदद नहीं करेगा. इंडियन एक्‍सप्रेस के अनुसार, पीड़िता और उसका परिवार वापस गांव में ना लौट पाए, इसलिए बीजेपी विधायक ने गांव में अपना प्रभाव बढ़ा दिया है. बीजेपी विधायक की पत्‍नी संगीता सिंह सेंगर उन्‍नाव जिला पंचायत प्रमुख हैं. वहीं, कुलदीप के भाई अतुल सिंह की पत्‍नी अर्चना सिंह ग्राम प्रधान हैं. मामले में विधायक के भाई अतुल सिंह समेत पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.

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सरकारी गेस्‍ट हाउस में हुआ रहने का इंतजाम
उन्नाव के डीएम ने बताया कि पीड़िता के परिवार की ओर से मदद के लिए की गई मांग को देखते हुए उन्‍होंने उनके रहने की व्‍यवस्‍था उन्‍नाव के सरकारी गेस्ट हाउस में की है. बता दें कि रविवार 8 अप्रैल को लखनऊ में मुख्‍यमंत्री आवास के बाहर खुदकुशी करने परिवार समेत पहुंची पीड़िता को पुलिस ने रोका था.

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3 अप्रैल को की थी पीड़िता के पिता की पिटाई
गांव के ही अन्‍य व्‍यक्ति राकेश सिंह के मुताबिक 3 अप्रैल को पीड़िता के पिता पर घर लौटते समय हमला हुआ. उन्‍हें बीजेपी विधायक के घर ले जाया गया. वहां आवास के बाहर उन्‍हें डंडों से पीटा गया. फिर स्‍थानीय पुलिस को बुला पीड़िता के पिता को पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने उन पर आर्म्‍स एक्‍ट लगाया. 8 अप्रैल को जब उनकी हालत बिगड़ी तो पुलिस उन्‍हें जेल से लेकर जिला अस्‍पताल पहुंची. 9 अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी.