लखनऊ: उन्नाव रेप केस की पीड़िता और उसके परिवार को लेकर सीबीआई टीम राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल पहुंची है. यहां पीड़िता का मेडिकल परीक्षण किया जाएगा. इस दौरान पीड़िता के साथ उसका परिवार भी है. शुक्रवार को सीबीआई ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को अरेस्ट किया था. युवती ने बीजेपी विधायक पर रेप का आरोप लगाया है.

बता दें कि हाईकोर्ट की फटकार के बाद एक्शन में आई यूपी की बीजेपी सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफ़ारिश की थी. इसे स्वीकार कर लिया गया था. इसके बाद सीबीआई ने आरोपी विधायक को शुक्रवार को अरेस्ट कर लिया था. उनसे लगातार 18 घंटे तक पूछताछ की गई. आज विधायक को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जा सकता है. उन्नाव रेप केस की पड़ताल के बीच आज सीबीआई की टीम पीड़िता को लेकर लखनऊ के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल पहुंची है. यहां रेप पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है. रेप पीड़िता के साथ उसका परिवार भी है. पीड़िता और परिवार को सुरक्षा देने के लिए पुलिस भी साथ है.

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पीएम मोदी ने दिया था न्याय का भरोसा
पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्नाव और कठुआ रेप केस को लेकर शुक्रवार को बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि हर हाल में पीड़ितों को न्याय मिलेगा. इसके बाद रेप पीड़िता के परिवार ने कहा कि अब उन्हें भरोसा है कि उन्हें न्याय मिलेगा. वह न्याय चाहते हैं.

 

ये है पूरा मामला
बता दें कि 8 अप्रैल दिन रविवार को मुख्यमंत्री आवास के सामने उन्नाव की रहने वाली युवती ने परिवार के साथ सुसाइड की कोशिश की थी. युवती ने उन्नाव इलाके के बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था. 9 अप्रैल को युवती के पिता की उन्नाव में पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी. इसके बाद हड़कंप मच गया. मामले में दो पुलिस अधिकारियों व चार कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया था. साथ ही बीजेपी विधायक पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता के पिता को 3 अप्रैल को केस वापस लेने का दबाव बनाने को पीटने वाले चार लोगों को अरेस्ट किया गया था. शुक्रवार को इस मामले में बीजेपी विधायक को भी अरेस्ट कर लिया गया.

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सीबीआई ने उन्नाव पहुंच कर की पूछताछ
सीबीआई की टीम ने उन्नाव जाकर माखी पुलिस स्टेशन, जहां से पीड़िता के पिता को मारपीट के बाद अरेस्ट कर जेल भेजा था, वहां पहुंच पूछताछ की. सीबीआई ने उस हॉस्पिटल के डॉक्टर्स व अन्य लोगों से भी पूछताछ की जहां मारपीट और हालत बिगड़ने के बाद पीड़िता के पिता को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. बता दें कि इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा था कि वह रेप के आरोपी बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी करेगी या नहीं. इस पहले सरकार कह रही थी कि विधायक को अरेस्ट नहीं किया जा सकता क्योंकि उनके खिलाफ़ कोई सुबूत नहीं हैं. इसीलिए विधायक को भरोसा था कि उन्हें अरेस्ट नहीं किया जाएगा, लेकिन मचते बवाल और हाईकोर्ट की फटकार के बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया गया.