मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंगलवार को अपने दिव्यांग पति को पीठ पर लादकर सीएमओ ऑफिस महिला के पति को जिला प्रशासन की पहल पर ट्राई साइकिल दी गई. महिला पति का दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए काफी समय से परेशान थी जिसे लेकर वह कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट चुकी थी. मीडिया में खबर आने के बाद मथुरा के चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) ने तीन साल से भटक रहे दिव्यांग को मंगलवार को विकलांगता का सर्टिफिकेट जारी कर दिया.

बबीता को पीठ में अपने पति को ले जाते हुए लोग देख रहे थे, लेकिन उसकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया. खबर सामने आने के बाद मथुरा के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि इस तरह की तस्वीर सभ्य समाज के लिए दुःखद है. उन्होंने कहा कि महिला की हर संभव मदद की जाएगी.

सड़क हादसे में खोया था पैर

इस पूरे मामले में हैरानी वाली बात ये है कि दिव्यांग को व्हीलचेयर तक की सुविधा मुहैया नहीं कराई गई. महिला बबीता ने बताया कि कलेक्ट्रेट में पहुंचने के बाद उसे उसके पति मदन की फोटो खींचवाने के लिए कहा गया. बता दें कि नौहझील थाना क्षेत्र मानागढ़ी के रहने वाले महिला के पति मदन सिंह का तीन साल पहले मोटरसाइकिल से मथुरा आने के दौरान हादसा हो गया था. इस हादसे में मदन सिंह का एक पैर कट गया था. सड़क हादसे में पैर कट जाने के बावजूद मदन को कोई सरकारी सहायता नहीं मिली.

बबीता ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या के समाधान के लिए कई सामाजिक संगठनों से भी मदद मांगी, लेकिन किसी का कोई सहारा नहीं मिला. हारकर दिव्यांग पति को पीठ पर बैठाकर वो सीएसओ कार्यालय पहुंची, लेकिन वहां पर भी अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की.