लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक के तौर पर समायोजन के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा. मौर्य ने कहा कि उन्होंने अपने शासनकाल में शिक्षामित्रों के साथ पाप किया है जिसके कारण आज शिक्षामित्र सड़क पर आने को मजबूर हैं. लालबहादुर शास्त्री भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केशव ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ सरकार की पूरी सहानुभूति है और सरकार लगातार उनके हितों की बात करती रही है.

केशव ने प्रसंग बदले हुए कहा, “केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देश की प्रगति में निरंतर लगे हुए हैं. उप्र में एक वर्ष से कम समय में विकास की ‘लहर’ चलाने में कामयाब हुए हैं. चुनाव के समय हमने वादा किया था कि सरकार बनने के बाद किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ करेंगे और हमने करके दिखाया है.” उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने प्रदेश में बेघर लोगों को घर देने का काम किया. सरकार अब तक 9 लाख से अधिक लोगों को घर मुहैया करा चुकी है. सरकार बनने के बाद हर घर सौभाग्य योजना के तहत नए कनेक्शन वितरित करने का अभियान चलाया गया.

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने एक वर्ष के भीतर ही उतना काम किया है, जितना पिछले 15 वर्षो में अखिलेश, मायावती और मुलायम की सरकार ने मिलकर नहीं किया. केशव ने इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि अब वह मुख्यमंत्री नहीं हैं लेकिन, वो अभी भी इसी भ्रम में जी रहे हैं. उनके सरकार के दौरान जो योजनाएं पूरी नहीं हुई थीं, उनका भी उद्घाटन मौजूदा सरकार ने किया है.

उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन तो उन्होंने कर दिया था, लेकिन उसे पूरा करने के लिए वर्तमान सरकार ने काफी मेहनत की है. गाजियाबाद में मुख्यमंत्री एलिवेटेड रोड का उद्घाटन करते हैं, उसमें भी अखिलेश को दर्द होता है. केशव ने कहा, “मैं स्पष्टतौर पर कहना चाहता हूं कि यह पैसा वह सैफई से लेकर नहीं आए थे, वह जनता का पैसा है, इसीलिए मुख्यमंत्री को उसका उद्घाटन करने का अधिकार है.”

ज्ञात हो कि शिक्षामित्र पिछले तीन दिनों से लखनऊ के लक्ष्मण मेला पार्क में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक उन्हें मनाने का कोई प्रयास नहीं हुआ है. माना कि सरकार इनके हितों की बात करती रही है, मगर बात से किसी का पेट नहीं भरता. बता दें कि इस अभी तक कई शिक्षामित्र आत्महत्या कर चुके हैं. निजी स्कूलों की ओर से फीस बढ़ाई जाने को लेकर केशव ने कहा कि सरकार निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलने देगी. इसको लेकर सरकार उचित और कारगर कदम उठाएगी.

-आईएएनएस