भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में ‘अच्छे दिनों’ का जुमला छोड़ा था, उसे लोगों की ज़बान पर चढ़ने में ज्यादा वक्त नहीं लगा था। भाजपा जब सत्ता में आई तो बहुत से लोगों को लगा कि अब देश के ‘अच्छे दिन’ आ गए हैं, वहीं कई लोगों को अब भी ‘अच्छे दिनों’ की दरकार है। हाल ही में ‘अच्छे दिनों’ पर एक कविता गाते हुए एक सरदार जी का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया। हालांकि इस वीडियो में सरदार जी अच्छे दिनों की बजाए ‘पुराने दिन’ दिन लौटाने की गुज़ारिश करते हुए नज़र आए।

वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बुज़ुर्ग सरदारजी स्कूटी के साथ खड़े हैं। सफेद कुरता और नारंगी पगढ़ी पहने सरदार जी संभवत: स्कूटी चलाकर कहीं जा रहे थे और रुक गए। वो कई लोगों से घिरे हुए हैं। इतने में सरदारजी पूरे जोश के साथ ऊंची आवाज़ में ‘अच्छे दिनों’ पर हमला बोलते हुए एक कविता सुनाते हैं। कविता कुछ इस तरह से है।

हवाएं नफरतों की चल रही है रोज़ भारत में

मुहब्बत भाईचारे के सुहाने दिन वो लौटा दो

ये अच्छे दिन तुम्हारे जान ले लेंगे ग़रीबों की

गुज़ारिश है रे साहिब पुराने दिन वो लौटा दो

सरदार दी ने इस कविता में अच्छे दिनों के नारे के बदले पुराने दिन लौटाने की गुज़ारिश की है। उनकी कविता सुनते ही पब्लिक वाहवाही करने लगी। वहीं किसी ने उनका ये वीडियो बना लिया और इसे इंटरनेट पर डाल दिया। आइये देखते हैं ये वीडियो –