नई दिल्ली| इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आगामी रविवार से शुरू हो रही भारत यात्रा के दौरान इस्राइली टैंक रोधी मिसाइलों के लिए करोड़ों डॉलर के एक करार पर दस्तखत होने की संभावना है. इसके साथ-साथ दोनों देश व्यापार एवं रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने के लिए भी कदम उठाएंगे. भारत में इस्राइल के राजदूत ने आज भारत एवं इस्राइल के रिश्ते को ‘अचल’ करार दिया.

इस्राइली राजदूत डेनियल कार्मन ने यरूशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के अमेरिकी फैसले पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में भारत के रुख को ज्यादा तूल नहीं देते हुए कहा कि नई दिल्ली का नजरिया भारत एवं इस्राइल के रिश्ते प्रभावित नहीं कर सकता. पिछले महीने भारत सहित 128 देशों ने यूएनजीए में उस प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाला था जिसमें यरूशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर मान्यता देने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का विरोध किया गया था.

नेतन्याहू रविवार को छह दिन की भारत यात्रा पर आ रहे हैं. अपनी यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विस्तृत वार्ता करेंगे. नेतन्याहू गुजरात और मुंबई में भी जाएंगे. इस्राइली ‘स्पाइक’ मिसाइलों के लिए संभावित समझौते की बारीकियों का जिक्र किए बगैर कार्मन ने कहा कि ‘स्पाइक’ परियोजना ‘‘मेक इन इंडिया में इस्राइल के जुड़ाव’’ का उदाहरण है, क्योंकि एक इस्राइली कंपनी और भारतीय कंपनी के बीच साझेदारी के जरिए इसे लागू कराया जा सकता है.

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नवंबर में रक्षा मंत्रालय ने इस्राइली कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स से ‘स्पाइक’ मिसाइलें खरीदने की प्रक्रिया छोड़ देने का फैसला किया था. अब बताया जा रहा है कि ‘सरकार-से-सरकार’ वाले तरीके से इन मिसाइलों की खरीद पर विचार किया जा रहा है. कार्मन ने कहा कि आला इस्राइली अधिकारियों के अलावा 130 कारोबारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नेतन्याहू की यात्रा के दौरान उनके साथ होगा.