काठमांडू| नेपाल में लगातार हुई बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई और 12 लापता हो गए हैं. गृह मंत्रालय के अनुसार दक्षिणी नेपाल के सुन्सारी जिले में 7 लोगों की मौत हुई है. भारी बारिश की वजह से कोशी उफान पर. कोशी के आक्रामक होने के बाद पूर्वी तटबंध के कई बिंदुओं पर दबाव बढ़ गया है. पश्चिमी तटबंध के मझारी के समीप 8 किलोमीटर पर कटाव तेज हो गया है, जहां फ्लड फाइटिंग का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है.

शनिवार को 10 बजे सुबह बराज पर कोसी का डिस्चार्ज 02 लाख 81 हजार 955 क्यूसेक दर्ज किया गया था. पूरे देश में बाढ़ और भूस्खलन की घटना की वजह से सैकड़ों परिवार विस्थापित हो गए हैं. इसी बीच नेपाल मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई गई जिसमें प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा ने स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के आदेश दिए हैं. नेपाल के गृह मंत्री जनार्दन शर्मा ने कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियां एकीकृत तरीके से राहत कार्य चलाने के लिए जुटेंगी.

झापा, मोरांग सुन्सारी, सप्तारी, सिराहा, सरलाही, रौताहत, बांके, बरदिया और डांग बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं. मोरांग में सैकड़ों घर पानी में डूब गए. बिराटनगर हवाई अड्डे पर बाढ़ का पानी घुसने के कारण उसे बंद कर दिया गया.

इधर विराटनगर हवाई अड्डा का रनवे पानी में डूबा हुआ है वहीं बाढ़ के पानी के कारण जोगबनी से ट्रेन का संपर्क टूट गया है. रेलवे का ट्रैक बारिश की वजह से पानी में डूबा हुआ है.सड़कों की भी यही स्थिति है. पूरा इलाका टापू में तब्दील हो चुका है जिससे देश दुनिया का संपर्क लगभग टूट सा गया है.

हालांकि अभी ट्रेन बथनाहा तक जा रही हैं लेकिन अगर जल स्तर में थोड़ी और वृद्धि हुई तो ट्रेन का परिचालन कभी भी पूरी तरह ठप हो सकता है. नेपाल में बारिश रूके तभी विनाशलीला की आशंका को टाला जा सकता है.