उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन चीन में है. चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने इसकी पुष्टि की है. एजेंसी ने किम और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हाथ मिलाते हुए तस्वीर भी जारी की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों ने परमाणु प्रसार रोकने का संकल्प लिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग ने कहा उत्तर कोरिया संयुक्त राष्ट्र अमेरिका से बातचीत करना चाहता है. इसके लिए वह दोनों देशों का सबमिट कराना चाहता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन के राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया आने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है.

किम से मुलाकात के बाद चीनी राष्ट्रपति ने कहा, नई परिस्थिति के मुताबिक वह उत्तर कोरिया के साथ लगातार संपर्क में रहना चाहते हैं. इसमें एक दूसरे के देश की यात्रा, विशेष दूतों को भेजना और चिट्ठी के माध्यम से एक दूसरे के संपर्क में रहना भी है. उन्होंने किम से कहा कि हमारी पारंपरिक मित्रता आगे बढ़ती रहनी चाहिए. हमारी रणनीतिक इच्छा है कि दोनो देशों के संबंध मजबूत हों.

बता दें कि साल 2011 में सत्ता संभालने के बाद पहली बार किम जोंगे उत्तर कोरिया से बाहर निकला है. वह चार दिन की यात्रा पर चीन हैं. उनके साथ उनकी पत्नी री सोल जू भी हैं.
चुपके से चीन पहुंचे किम जोंग? 8 साल में पहली बार निकले देश से बाहर

इतिहास पर गौर करें तो उत्तर कोरियाई नेता की चीन और अपने पड़ोसी देशों की यात्रा हमेशा गोपनीय रही है. किम के दिवंगत पिता किम जोंग-इल गुपचुप तरीके से चीन की यात्रा करते थे. हाल ही में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है.

चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का सहयोगी रहा है. लेकिन चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है. अमेरिका के दबाव के बाद चीन ने उत्तर कोरिया को तेल और कोयला जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति रोक दी थी.