तोक्यो: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज टोक्यो में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे से आज मुलाकात की. इससे पहले सुषमा ने  जापान के विदेश मंत्री तारो कोनो के साथ गुरुवार को बैठक की. बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने परस्पर हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की. तीन दिन की यात्रा पर यहां आईं सुषमा ने नौवें भारत-जापान रणनीतिक वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों से जुड़ी सभी पहलुओं की समीक्षा की. विदेश मंत्री के रूप में यह उनकी पहली जापान यात्रा है.

सुषमा ने कहा, विदेश मंत्री कोनो और मैंने काफी सार्थक बातचीत की. इसमें द्विपक्षीय, आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दे शामिल थे. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत, जापान को एक ‘स्वाभाविक सहयोगी’ मानता है और कई क्षेत्र हैं जिसमें दोनों देश द्विपक्षीय लाभ के लिये काम कर सकते हैं. सुषमा ने कहा कि स्मार्ट सिटी, स्टार्टअप इंडिया तथा कई ऐसी योजना हैं, जिसमें जापानी उद्यमियों के लिये काफी अवसर हैं. उन्होंने, हम इस बात से खुश हैं कि जापान का भारत में निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है.

विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे भारत और जापान संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने को लेकर उच्च गति की रेल, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, नवप्रवर्तन, अंतरिक्ष विज्ञान, स्वास्थ्य तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, हमने कौशल विकास जैसे कुछ नये क्षेत्रों पर भी विचारों का अदान-प्रदान किया…

सुषमा कल प्रधानमंत्री शिंजो एबे से मुलाकात करेंगी. उन्होंने कहा कि इस बातचीत ने इस वर्ष के अंत में होने वाली अगले द्विपक्षीय वार्षिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अगमन का मार्ग प्रशस्त किया है.
सुषमा ने कहा, मुझे यकीन है कि वह यात्रा हमारे विशेष रणनीतिक तथा वैश्विक साझोदारी को नया मुकाम देगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा जापान के विदेश मंत्री तारो कोनो के बीच रणनीतिक वार्ता से इतर दोनों पक्षों के बीच दस्तावेजों पर हस्ताक्षर/आदान प्रदान हुए.

कुमार ने ट्वीट किया, विविध क्षेत्रों में संबंधों को आगे ले जाने पर सार्थक बातचीत हुई. हमारे संबंधों को मजबूत बनने में श्रीमान किशीदा की भूमिका मूल्यवान है. सुषमा ने तोक्यो में विवेकानंद सांस्कृतिक केन्द्र में प्रवासी भारतीयों को भी संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने जापान के साथ संबंध प्रगाढ़ करने तथा जापान में भारत की सकारात्मक छवि बनाने में प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना की.