वॉशिंगटन। डाटा चोरी को लेकर विवादों में आए फेसबुक ने आज यूजर्स की प्राइवेसी की रक्षा के लिए अहम कदमों का ऐलान किया. फेसबुक ने कहा कि उसने अपने निजता संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया है ताकि सोशल मीडिया वेबसाइट पर उपयोगकर्ता अपनी जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण रख सकें. इन अपडेट में फेसबुक के उपयोगकर्ताको सेटिंग तक ज्यादा आराम से पहुंचने, आसानी से खोजने की व्यवस्था, फेसबुक द्वारा संग्रहित निजी डेटा को डाउनलोड और डिलीट करने की सुविधा शामिल है.

इस बीच, नया ‘प्राइवेसी’ शार्टकर्ट मैन्यू उपयोगकर्ताओं को अपने एकाउंट की सुरक्षा शीघ्रता से बढ़ाने, सूचना देख सकने वालों और साइट के क्रियाकलाप को लेकर व्यवस्था करने और विज्ञापनों पर नियंत्रण करने की अनुमति देगा. मुख्य निजता अधिकारी एरिन एगान और एक अन्य शीर्ष अधिकारी एशली बेरिंगर ने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि हमने सुना था कि निजता सेटिंग और अन्य महत्वपूर्ण टूल तक पहुंचना बहुत मुश्किल होता है और हमें लोगों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कदम उठाने होंगे.

फेसबुक डाटा लीक: मार्क जुकरबर्ग ने दुनिया के सबसे बड़े अखबारों में पूरे पेज का विज्ञापन दे मांगी माफी

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उन्होंने कहा कि आगामी हफ्तों में वे अतिरिक्त कदम उठाएंगे ताकि लोगों को अपनी निजता पर ज्यादा नियंत्रण हासिल हो. फेसबुक ने ये नए संशोधन ऐसे समयमें किये हैं जब हाल में यह खुलासा हुआ था कि डोनाल्ड ट्रंप के 2016 राष्ट्रपति चुनावों के अभियान से जुड़ी ब्रिटिश फर्म कैंब्रिज एनालिटिका ने लाखों फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा जमा किए थे. इस खुलासे से भूचाल आ गया था और डेटा चोरी का मामला सुर्खियों में आ गया. इसके तुरंत बाद कैंब्रिज एनालिटिका के सीईओ को उनके पद से हटा दिया गया.

FB डाटा चोरी: कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारी का खुलासा, कांग्रेस का भी नाम लिया

भारत सहित पूरे विश्व में भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया आई. डाटा चोरी पर फेसबुक के सर्वेसर्वा मार्क जकरबर्ग को माफी तक मांगनी पड़ी. उन्होंने अखबारों में विज्ञापन देकर भी गलती के लिए माफी मांगी. जकरबर्ग ने कहा कि इस तरह की गलतियों की अपेक्षा लोग हमसे नहीं कर सकते. हमसे गलती हुई है और इसके लिए माफी चाहते हैं.

भारत में डाटा चोरी पर बीजेपी-कांग्रेस में युद्ध छिड़ा हुआ है. बीजेपी ने आरोप लगाया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने चुनावों में कांग्रेस के लिए भी काम किया. कांग्रेस ने इसे खारिज करते हुए बीजेपी पर सवाल दागा कि नमो एप के जरिए लोगों का डेटा चोरी किया जा रहा है. कांग्रेस ने इस मामले में बीजेपी को एक्शन लेने और एफआईआर दर्ज करने की भी चुनौती दी. वहीं, मंगलवार को ब्रिटिश संसद में कंपनी के पूर्व कर्मचारी क्रिस्टोफर वाइली ने खुलासा किया कि कैंब्रिज एनालिटिका का दफ्तर भारत में भी है और इसने कई प्रोजेक्ट पर काम किया है. उसने ये भी कहा कि शायद कंपनी ने कांग्रेस के लिए भी काम किया था. इस बीच आज भारत सरकार ने फेसबुक को नोटिस जारी कर 7 अप्रैल तक जवाब मांगा है.