भगत सिंह का नाम अमर शहीदों में सबसे ऊपर लिया जाता है। भगत सिंह ने कम उम्र में ही कुछ ऐसा किया भारत के लिए जिसे आज भी याद कर के हर भारतीय का सीना गर्व से फुल जाता है। भगत सिंह को आज़ादी के लड़ाई के दौरान ब्रिटिश अधिकारी जेपी सैंडर्स की हत्या करने के जुर्म में पकड़ा गया था। आपको जो अब हम बताने जा रहे है उसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। दरअसल पाकिस्तान के एक कोर्ट में भारत के स्वतंत्रता सेनानी शहीदे आजम भगत सिंह को निर्दोष साबित करने के लिए इस बुधवार को सुनवाई होने वाली है।

आपको शायद यकीं नहीं हो रहा होगा की पाकिस्तान ऐसा कर रहा है। भारत को आज़ादी केवल एक किसी शख्स ने नहीं दिलाई है। इस आज़ादी का सेहरा बहुत से शहीद है जिनके सर सजना चाहिए। मगर भारत में यह हमशा से देखा गया है किसी को बहुत महत्व दिया जाता है। तो दूसरी तरफ किसी की कुर्बनिओ को याद तक नहीं किया जाता। बात हो गयी भगत सिंह की या फिर सुभाष चंद्र बोस की यह देश भारत के वीर आज़ादी के कई सालो के बाद हमारे बीच कही गुम गए है। यह भी पढ़ें: भगत सिंह, भारत माँ के इस सच्चे सपूत के नाम से कांपते थे अंग्रेज

यह जो काम पाकिस्तान कर रहा है, इसे अगर हिंदुस्तान करता तो शायद हर हर हिंदुस्तानी के चेहरे पर कुछ अलग ही ख़ुशी होती। यह याचिका किसने की पाकिस्तान में आप जरूर यह बात सोच रहें होंगे। तो इस याचिका करता मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष वकील इम्तियाज राशिद कुरैशी हैं। इनका कहना है की भगत सिंह ने अविभाजित भारत की आजादी के लिए संघर्ष किया और हसंते-हंसते सबके लिए फांसी पर चढ़ गए। कुरैशी का कहना है की भगत सिंह को खुद पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने भी श्रद्धांजलि दी थी। इस तरह से पाकिस्तान के कुरैशी ने कहा की वह हमारे भी स्वतंत्रता सैनानी है। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह के कारण 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी गई थी।(फोटो क्रेडिट: अमरउजाला)