गूगल अक्सर खास मौकों अपने अंदाज में डूडल के जरिये लोगो को याद करता है. इसी कड़ी में आज का डूडल भी बेहद खास है। बता दे कि ने गूगल बांग्लादेशी वैज्ञानिक सर जगदीश चंद्र बसु को खास डूडल बनाया है। जो लोगो को खूब पसंद भी किया जा रहा है। बांग्लादेशी वैज्ञानिक सर जगदीश चंद्र बसु का जन्म आज से 158 साल पहले हुआ था। वो दूरसंचार के क्षेत्र में दुनिया के लीडर बनकर उभरे। अपने नाम के साथ उन्होंने बहुत सारी उपल्बिधों को जोड़ा।

अमेरिका, ऑस्ट्रलिया, भारत और फ्रांस में पॉलिमैथ एक सब्जेक्ट के तौर पर गूगल डूडल ने लिया और उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए इसे सेलिब्रेट करने के लिए एक डूडल बनाया है। इसमें एक लीजेंडरी वैज्ञानिक को दिखाया गया है जिसने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने सिस्मोग्राफ नाम का एक यंत्र बनाया था जिसकी मदद से पेड़ों में हो रही बढ़ोत्तरी को मापा जाता है। वातावरण से इनपर पड़ने वाले प्रभाव को भी इस यंत्र की मदद से देखा जा सकता है। इसी कड़ी में हम उनसे जुड़ी अहम बातें आपको बताना चाहते हैं। यह भी पढ़े- गूगल ने डूडल के जरिए लेखिका एलकोट को याद किया

बोस के पिता ने युवा उम्र में उन्हें मुनीशगंज के वर्नाकुलर स्कूल भेज दिया था क्योंकि वो चाहते थे कि उनका बेटा अग्रेंजी भाषा सीखने से पहले अपनी भाषा को सीखें। 1915 में बिक्रमपुर में हुई कॉन्फ्रेंस में बोस ने कहा था- मैंने चिड़ियों, जानवरों और जलीय पौधों के बारे में कहानिया सुनी थी। इसी वजह से मेरे दिमाग में प्रकृति के बारे में खोजबीन करने की बात उत्पन्न हुई। गरीब परिवार से होने के बावजूद उनके पिता ने उन्हें स्कॉलर बनने के लिए प्रेरित किया।

ज्ञात हो कि प्रोफेसर ऑफ फिजिक्स के तौर पर यूनिवर्सिटी ऑफ कलकत्ता को ज्वाइन करने के बाद उन्हें भारतीय नस्ल का होने की वजह से लैबोरेटरीज से दूर रखा जाता था। अपने 24 स्कवायर फीट के कमरे में वो एक्सपेरिमेंट किया करते थे। प्रोफेसर के दौरान उन्हें नस्लीय भेदभाव के साथ गालियों का सामना करना पड़ता था। यह भी पढ़े-पुणे की अन्विता तैलंगके बनाए डूडल से बाल दिवस मना रहा गूगल

रेडिसो साइंस के जनक- सभी मशहूर बायोफिसिस्ट कहीं ना कहीं बोस से जुड़े हुए हैं। 1997 में इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड एलेक्ट्रॉनिक्स इंजिनियर ने बोस को रेडिया साइंस का जनक करार दिया था।

गौरतलब है कि मंगलवार को गूगल ने मशहूर उपन्यास ‘लिटिल वुमन’ की लेखिका लूइसा मे एलकोट को उनकी 184 वीं जयंती पर डूडल के जरिए श्रद्धांजलि दी थी।