वाशिंगटनः प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसाफ्ट का कहना है कि चुनावों के दौरान उसने भारतीय अधिकारियों के साथ मतदान केंद्रों पर गतिविधियों पर निगरानी रखने में सहयोग किया था और कंपनी अपने मंचों के जरिए जानकारी या डेटा के संग्रहण को लेकर पारदर्शिता बनाए रखती है. माइक्रोसाफ्ट के एक अधिकारी के अनुसार कंपनी की गोपनीयता संबंधी नीतियां ग्राहकों को अपना डेटा गोपनीय तथा अपने नियंत्रण में रखने में मदद करती हैं.

माइक्रोसाफ्ट के प्रवक्ता ने कहा, ‘भारत के चुनाव अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया के संचालन व सहयोग के लिए हमारी उत्पादकता व क्लाउड प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया. इस चुनावी प्रक्रिया में मतदान केंद्रों पर गतिविधियों की निगरानी भी शामिलथी.’ इसके अनुसार हमारे प्लेटफार्म की चालित प्रक्रिया से जुड़ी सारी जानकारी या डेटा हमारे ग्राहक सम्बद्ध सरकार विभागों के पास रहता है.

प्रवक्ता ने हालांकि यह नहीं बताया कि किन चुनावों में माइक्रोसाफ्ट ने भारतीय अधिकारियों के साथ मिल कर काम किया. उल्लेखनीय है कि हाल ही में फेसबुक व केंब्रिज एनालिटिका से जुड़ा विवाद इन दिनों खासा चर्चा में रहा है. इससे सोशल मीडिया व अन्य वेबसाइटों पर उपलब्ध जानकारी के तीसरे पक्षों को इस्तेमाल की अनुमति, निजता, गोपनीतया व डेटा संरक्षण को लेकर नयी बहस खड़ी हो गई है.

प्रवक्ता ने कहा कि डेटा संग्रहण को लेकर माइक्रोसाफ्ट पारदर्शी है और यह उपयोक्ताओं को सोचे समझे फैसले करने में सक्षम बनाती है. अधिकारी ने कहा, हम हमारी नीतियां व व्यवहार पूरी तरह स्पष्ट तथा सभी के लिए पहुंच वाला बनाते हैं. भारतीय अमेरिकी सत्य नडेला की अगुवाई वाली माइक्रोसाफ्ट का कहना है कि उसकी गोपनीयता संबंधी नीतियों व प्रक्रिया से ग्राहकों को अपना डेटाअपने पास व अपने नियंत्रण में रखने की छूट होती है.