नई दिल्ली। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ट्रंप प्रशासन की समीक्षा से गुजर रही एच-1 बी वीजा व्यवस्था पर भारत की चिंता आज यह कहते हुए दूर करने का प्रयास किया कि इस पर कोई पाबंदी नहीं लगायी गयी है. अधिकारी ने कहा कि पिछले नौ महीने के दौरान एच-1 बी श्रेणी के तहत जारी वीजा में करीब 70 फीसद हिस्सा भारतीयों को गया है और यह कि पिछले साल अमेरिका ने भारतीयों के रिकार्ड 12 लाख वीजा पर निर्णय लिया था.

अधिकारी ने बताया कि भारतीयों के संदर्भ में एच-1 बी वीजा और एल1 वीजा (वर्क परमिट) में साल दर साल वृद्धि छह प्रतिशत है. उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने समीक्षा की बात कही है. कोई प्रतिबंध नहीं लगायी गयी है बल्कि यह (एच-1 बी) समीक्षा के अंतर्गत है.’’ उन्होंने कहा कि वैसे तो दूतावास संबंध पर आगामी भारत अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता में यह मुद्दा एजेंडे में नहीं है लेकिन यह वार्ता के दौरान उठ सकता है. यह वार्ता वाशिंगटन में 27 सितंबर को होगी.

ट्रंप ने वीजा के दुरुपयोग को रोकने के वास्ते एच-1 बी वीजा कार्यक्रम के नियमों को सख्त बनाने के लिए अप्रैल में एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किया था. अधिकारी ने यह भी कहा कि अमेरिका ने पिछले साल करीब 88,000 विद्यार्थी वीजा आवेदनों पर गौर किया था जो 2015 की तुलना में 15 फीसद अधिक है. वैसे फिलहाल अमेरिका में करीब 1.6 लाख भारतीय विद्यार्थी हैं जो चीन के बाद अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या है.