इस्लामाबाद: पाकिस्तान की दोगली चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर सामने आ गया. ये मौका था पाकिस्तान दिवस का. पाकिस्तान ने इस कार्यक्रम में इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के राजनयिक और इंडियन आर्मी के सीनियर अफसरों को मेहमान के तौर पर बुलाया था. पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने एक ओर जहां इसके पीछे जहां भारत को अमन का पैगाम देने का मकसद बताया, वहीं, पाकिस्तान दिवस में सैन्य परेड में पहली बार भारतीय अफसरों शामिल होने के बावजूद राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने भारत पर कई गंभीर आरोप लगाने से बाज नहीं आए.

पाकिस्तान एक ओर अमन के संदेश की बात करता है, तो वहीं, अमन के रास्ते से स्वयं पलटते हुए भारत पर गलत आरोप लगा रहा है. कार्यक्रम में प्रेसिडेंट हुसैन ने भारत पर संघर्ष विराम उल्लंघन और मानवाधिकारों के हनन के आरोप लगाते हुए कहा कि नई दिल्ली की हरकतों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ी है. मैमून में कश्मीर मुद्दा भी उठाया और वहां जनमत संग्रह की मांग करते हुए कहा कि कश्मीरी जनता को आत्मनिर्णय का अधिकार ही कश्मीर समस्या का समाधान है.

दावा-  पाकिस्तानी सेना प्रमुख की पहल भारत को शांति का संदेश देना
पाकिस्तान स्थित भारतीय राजयनिक और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी पहली बार पाकिस्तान दिवस के मौके पर यहां सैन्य परेड में शामिल हुए. एक मीडिया रिपोर्ट में यह कहा गया. इसमें दावा किया गया कि पाकिस्तानी सेना के प्रमुख की इस पहल का उद्देश्य नई दिल्ली को शांति का संदेश देना है.

पाकिस्तान डे में पहली बार शामिल हुए भारतीय अफसर
दोनों देशों के बीच तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना ने पहली बार भारत के रक्षा अधिकारियों (इंडियन डिफेंस अटेचे) और भारतीय उच्चायोग के वरिष्ठ राजनयिकों को 23 मार्च के समारोह में शामिल होने का न्यौता दिया था. इस पर भारतीय राजनयिक और इंडियन आर्मी के सीनियर अफसर इस कार्यक्रम में पहुंचे थे.

नई दिल्ली की के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में 
पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी ने दी यह जानकारी दी. अफस ने बताया कि यह पहल सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की है और इसका उद्देश्य भारत को अमन का संदेश देना है. वहीं, इसके ठीक उलट पाकिस्तान दिवस के मौके पर राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने भारत पर संघर्षविराम उल्लंघन और मानवाधिकारों उल्लंघन का आरोप लगाया और कहा कि नई दिल्ली की हरकतों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ी है.

कश्मीर में आत्मनिर्णय का अधिकार मिले 
प्रेसिडेंट हुसैन  ने कश्मीर मुद्दा भी उठाया और कश्मीरी जनता को आत्मनिर्णय का अधिकार देने को इसका समाधान बताया. इस दौरान कार्यक्रम में भारत के उप उच्चायुक्त जेपी सिंह और रक्षा तथा सैन्य सलाहकार ब्रिगेडियर संजय पी विश्वराज शामिल हुए.

दिल्ली के पाकिस्तान दूतावास में पहुंचे थे मोदी के मंत्री
पाकिस्तान से तनावपूर्ण रिश्तों के बावजूद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शुक्रवार को दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाईकमीशन के आयोजित पाकिस्तान नेशनल डे के आयोजन में पहुंचे थे.

(इनपुट- एजेंसी)