इस्लामाबादः पाकिस्तान की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था ने बुधवार को अधिकारियों से कहा कि पद से हटाए गए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी और दामाद को निकास नियंत्रण सूची में डाल दें ताकि वे देश से बाहर न जा सकें. नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) ने गृह मंत्रालय को इस बारे में एक औपचारिक आग्रह भेजा है.

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की कि एनएबी ने लिखा है कि शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज अैर दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद सफदर के नाम को एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डाला जाए जो ऐसे लोगों की सूची है जिन्हें पाकिस्तान छोड़ने की अनुमति नहीं होती.

ये भी पढ़ेंः भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे इजरायली प्रधानमंत्री ने इस्तीफा देने से किया इंकार

एनएबी ने कहा कि तीनों के खिलाफ सुनवाई अंतिम दौर में है और आशंका है कि वे देश छोड़ सकते हैं. इससे पहले वित्त मंत्री इशाक डार का नाम ईसीएल में डाले जाने का आग्रह स्वीकार नहीं किया गया था जिससे वह लंदन चले गए और फिर कभी नहीं लौटे.

ये भी पढ़ेंः पाकिस्तानः वैलेंटाइन डे गैर इस्लामिक घोषित, मीडिया कवरेज पर भी रोक

कोर्ट में 17वीं बार पेश हुए पूर्व पीएम
दूसरी ओर पनामा पेपर्स घोटाले में सुनवाई का सामना करने के लिए एक भ्रष्टाचार रोधी अदालत के सामने 17वीं बार पेश हुए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मंगलवार को अपने विरोधियों को चेतावनी दी कि वे उन्हें सजा नहीं दिला पाएंगे. 67 वर्षीय शरीफ अपनी बेटी मरियम और दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मोहम्मद सफदर के साथ इस्लामाबाद स्थित जवाबदेही अदालत में पेश हुए. सुनवाई की शुरूआत में अदालत को सूचित किया गया कि जानी मानी वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता अस्मा जहांगीर का रविवार को लाहौर में निधन होने के बाद तीन दिवसीय शोक मनाने के मद्देनजर वकील अदालतों में नहीं आ रहे हैं.

नवाज ने विरोधियों पर साधा निशाना
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने अघोषित आय को लेकर शरीफ को अयोग्य करार दे दिया था जिसके बाद उन्होंने जुलाई में प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. एनएबी ने शरीफ, उनके बच्चों और दामाद के खिलाफ आठ सितंबर को अदालत में तीन मामले दर्ज किए थे. शरीफ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जवाबदेही के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है. विरोधी मुझे सजा दिलाना चाहते हैं लेकिन उनके पास कोई सबूत नहीं है, इसलिए पूरक मामले दर्ज किए जा रहे है. वे नाकाम रहेंगे क्योंकि पाकिस्तान के लोग हमारे साथ हैं.