वाशिंगटन: सीरिया के कथित रसायनिक हमले को लेकर अमेरिका उसके सहयोगी देश रूस पर नए प्रतिबंध लगा सकता है. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की दूत निक्की हेली ने रविवार को कहा कि इन प्रतिबंधों के जरिए उन कंपनियों को निशाना बनाए जाएगा जिन्होंने सीरिया के शासन को ये रसायनिक हथियार उपलब्ध कराए थे.

हेली ने सीबीएस के कार्यक्रम ‘फेस द नेशन’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “आप जल्द ही रूस पर लगने वाले प्रतिबंधों को देखेंगे. मंत्री स्टीव नूचिन सोमवार को इसकी घोषणा करेंगे, अगर उन्होंने अब तक घोषणा नहीं की है तो.”

रूस के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सीरिया पर पश्चिमी देशों के हमले ऐसे समय में हुए हैं जब देश के पास शांतिपूर्ण भविष्य का मौका था. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने फेसबुक पर लिखा, ”इन सबके पीछे जिम्मेदार लोग दुनिया में नैतिक नेतृत्व का दावा करते हैं और यह ऐलान करते हैं कि वे कुछ अलग हैं. आपको उस समय सीरिया की राजधानी पर हमले करने के लिए वास्तव में अलग होने की जरुरत है जब उसके पास शांतिपूर्ण भविष्य का मौका था.

अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने बीते शनिवार को सीरिया के दूमा में रासायनिक हथियारों वाले स्थानों पर हवाई हमले किए थे और कई संयंत्रों को तबाह करने का दावा किया था. सीरीयाई ऑब्‍जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि दमिश्‍क में एक वैज्ञानिक रिसर्च सेंटर और सेना के ठिकाने पर अमेरिका और उसके सहयोगियों ने हमले किए हैं.

वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका को नई चेतावनी दी है. रूस ने क्रेमलिन की ओर से जारी बयान के मुताबिक पुतिन ने कहा, ‘‘अगर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हुए इस तरह की कार्रवाई फिर की गई तो इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अराजकता पैदा हो जाएगी.’’ बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने कहा कि गैरकानूनी कार्रवाई से सीरिया में राजनीतिक समाधान की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा है.

(इनपुट: एजेंसी)