रियाद. योग को लेकर भले ही भारत में विवाद होता हो. लेकिन इसे विदेशो में लोग बेहद पसंद करते हैं. वहीं योग को लेकर इस्लामिक देश सऊदी अरब ने बड़ा फैसला लिया है. अब सऊदी अरब ने योग को एक खेल के तौर पर आधिकारिक मान्यता दे दिया है. अब लाइसेंस लेकर सऊदी अरब में योग सिखा सकेंगे. इसके साथ ही योग शिक्षक नोफ मारवाई पहली सर्टिफाइड योग शिक्षक बन गई हैं.

कौन है नोफ मारवाई

आज गल्फ कंट्री में लोग योग के फायदे और उसके बारे में जानने लगें हैं. तो उसका पहला श्रेय नोफ मारवाई को जाता है. नोफ ने गल्फ कंट्री में योग के प्रचार का काम किया था. नोफ मारवाई ने 19 साल की उम्र से योग करना शुरू कर दिया था. उस दौरान उन्हें भारतीय योग गुरुओं ने भी इस कला के बारे में मार्गदर्शन दिया.

समय के साथ-साथ नोफ मारवाई योग में निपुण हो गई और उन्हें साल 2010 में पारंगत होने पर सर्टिफिकेट मिला था. आज नोफ मारवाई जेद्दाह रियाद-चायनीज मेडिकल सेंटर चलाती हैं. जिसकी स्थपना उन्होंने खुद किया है. जिसके भारतीय काउंसलेट ने साल 2015 में नोफ मारवाई को सम्मानित किया था.

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बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आइडिया सबसे पहले आया था. पीएम मोदी की पहल के बाद ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मान्यता दी गई. साल 2015 को दिल्ली में इंटरनेशनल योग दिवस मनाया गया था. प्रधानमंत्री मोदी ने राजपथ पर 35,985 लोगों के साथ योग किया था.