वॉशिंगटन/ संयुक्त राष्ट्र: सीरिया में कथिततौर पर केमिलकल हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ लेकर असद सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में दिखाई दे रहा है, वहीं, रूस सीरिया के प्रेसिडेंट बशर अल असद के पक्ष में खड़ा हुआ है. ऐसे में अमेरिका और रूस के बीच सीरिया को लेकर संभावित जंग के हालात बन गए हैं. इसके मद्देनजर यूएन के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सिक्योरिटी काउंसिल के 5 सदस्यों से युद्धग्रस्त देश में स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाने से रोकने की अपील की है. अगर सीरिया के मुद्दे पर अमेरिका अपने पश्चिमी देशों के सहयोग से सीरियाई सरकार पर कोई कार्रवाई करता है तो संभव है कि रूस इसके जवाब में उतर आए. ऐसे में सीरिया के मुद्दे पर संभावित तीसरे युद्ध की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

अभी तक किसी भी समझौते पर नहीं पहुंचे
यूएन  महासचिव गुतारेस ने एक बयान में कहा, ”मैं सुरक्षा परिषद में घटनाक्रमों पर भी करीबी नजर रख रहा हूं और मुझे खेद है कि परिषद इस मुद्दे पर अभी तक किसी भी समझौते पर नहीं पहुंच पाई.” संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि उन्होंने बुधवार को काउंसिल के पांचों सदस्यों चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के राजनयिकों से बात की और उनसे मौजूदा गतिरोध के खतरों के बारे में गंभीर चिंता जताई और स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाने से रोकने की जरूरत पर जोर दिया.

स्वतंत्र जांच के लिए नहीं मिला समर्थन
सुरक्षा परिषद ने मंगलवार को तीन अलग प्रस्ताव के मसौदों पर मतविभाजन किया. सुरक्षा परिषद घटना की स्वतंत्र जांच का तंत्र स्थापित करने में आवश्यक वोट जुटाने में नाकाम रही.

रूस ने किया वीटो
पहला प्रस्ताव अमेरिका का था, जिसमें एक साल के लिए नया जांच तंत्र स्थापित होगा. साथ ही रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान होगी. रूस की ओर से वीटो किए जाने के कारण यह प्रस्ताव खारिज हो गया. परिषद में रूस द्वारा पेश किए गए प्रतिस्पर्धी प्रस्ताव के मसौदे को भी पारित नहीं किया गया. इसमें एक साल के लिए तंत्र स्थापित करने की बात थी, लेकिन साथ ही सीरिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए जवाबदेही तय करने की जिम्मेदारी सुरक्षा परिषद को दी गई थी.

ट्रंप ने  नहीं लिया अंतिम फैसला
यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इस बात पर अंतिम फैसला नहीं लिया कि सीरिया में बशर अल असद सरकार द्वारा कराए गए कथित रासायनिक हमले का जवाब कैसे दिया जाए. राष्ट्रपति के अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों से मुलाकात करने के बाद व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा, ”राष्ट्रपति ट्रंप ने सीरिया में स्थिति पर चर्चा करने के लिए अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से अभी बैठक समाप्त की है. अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया.”

फ्रांस और बिट्रेन के नेताओं से बातचीत
सैंडर्स उन्होंने बताया कि ट्रंप असद सरकार के खिलाफ उठाए जाने वाले कदम पर शुक्रवार को फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे से बात करेंगे. सैंडर्स ने कहा, ”हम खुफिया जानकारी का आकलन कर रहे हैं और हमारे साझेदारों तथा सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहे हैं.”

स्थिति पर करीबी नजर, देखेंगे क्या होता है
सैंडर्स के बयान से पहले, ट्रंप ने मीडियाकर्मियों से कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं. उन्होंने बैठक से पहले कहा, ”जाहिर तौर पर हम स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं. हम पूरी स्थिति पर बहुत गंभीरता से विचार कर रहे हैं और हम देखेंगे कि क्या होता है.”

हमने आईएस को बर्बाद किया, कुछ फैसले जल्द लेंगे
ट्रंप ने कहा , यह बहुत बुरा है कि दुनिया ने हमें इस तरह की स्थिति में ला खड़ा किया. लेकिन आप जानते हैं जैसा कि मैंने सुबह कहा कि हमने आईएस से निपटने में अच्छा काम किया है. हमने आईएस को बर्बाद कर दिया है. लेकिन अब हमें आगे कुछ फैसले लेने हैं इसलिए वे जल्द ही लिए जाएंगे.” अमेरिकी संसद की सशस्त्र सेवा समिति के समक्ष पेश होने पर रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने सांसदों से कहा कि रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल अक्षम्य है.

दो दिन पहले ट्रंप ने रूस को दी थी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की हिमायत करने पर रूस को दो दिन पहले चेताया था और कहा था कि असैन्य लोगों पर रसायनिक हथियारों के हमले के जवाब में अमेरिकी मिसाइलें आएंगी. ट्रंप ने ट्विटर पर लिखे अपने संदेश में कहा था, ”रूस ने सीरिया पर दागी गईं सभी मिसाइलें गिराने का संकल्प किया है. रूस तैयार रहो , क्योंकि वे आने जा रही हैं, शानदार और नई और स्मार्ट. आपको गैस से हत्या करने वाले किसी वहशी का साझेदार नहीं होना चाहिए, जो अपने लोगों की हत्या करता है और उसका लुत्फ लेता है.”

यूएस के प्रस्ताव पर रूस का वीटो
ट्रंप का यह संदेश सीरियाई शहर दूमा में शनिवार के घातक गैस हमले के जिम्मेदार लोगों की शिनाख्त के लिए एक पैनल गठित करने के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका की तरफ से तैयार प्रस्ताव पर रूस के वीटो करने के एक दिन बाद आया. रूस ने कहा कि उसके सैन्य विशेषज्ञों ने रसायनिक हमलों का कोई सबूत नहीं पाया और कहा कि सीरिया को बदनाम करने के लिए विद्रोहियों ने यह साजिश रची होगी या अफवाह फैलाई होगी.

रूस ने दी थी संयम बरतने की सलाह
इससे पहले एक ट्वीट में ट्रंप ने कहा था कि व्हाइट हाउस में क्या हो रहा है, इसपर बहुत फेक न्यूज है. चीन के साथ खुला एवं न्यायोचित कारोबार पर, आगत उत्तर कोरिया बैठक पर और बेशक सीरिया में गैस हमले पर विशाल फोकस के साथ बेहद शांत और सधा. ट्रंप के ट्विट से थोड़ा ही पहले रूस ने सीरिया के मुद्दे पर संयम बरतने का आग्रह किया और कहा कि देशों को इस तरह की कार्रवाई से परहेज करना चाहिए, जो युद्ध से जर्जर देश को और अस्थिर कर सकता है. (इनपुट- एजेंसी)