संयुक्त राष्ट्र: अमेरिका और रूस के बीच तेजी से बढ़ रहे तनाव को लेकर संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ प्रमुख ने शुक्रवार को चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि वह अमेरिका और रूस के बीच तनाव के मद्देनजर दुनिया के शीतयुद्ध की याद दिलाने वाले दौर की ओर बढ़ने को लेकर वाकई बेहद चिंतित हैं. उन्होंने कहा यह एहतियात बरतने का समय है और तनाव बढ़ने से रोकना सुनिश्चित करना जरूरी है. ऐसे तंत्र एक बार फिर से आवश्यकता है.

उनका बयान ट्रंप प्रशासन के इस सप्ताह अमेरिका से 60 रूसी नागरिकों को निष्कासित करने के बाद आया है. अमेरिका ने गत 4 मार्च को रूसी डबल एजेंट सर्गेई स्क्रिपाल को कथित तौर पर जहर देने को लेकर रूस के खिलाफ कार्रवाई की. निष्कासित किए गए 60 लोगों में से 12 संयुक्त राष्ट्र में रूसी मिशन के खुफिया अधिकारी शामिल थे. उन पर अमेरिका में आवास के विशेषाधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप है.

संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजनयिकों को अमेरिका द्वारा निष्कासित किए जाने की घोषणा और नए दौर का शीतयुद्ध शुरू होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा, ” मैं वाकई बेहद चिंतित हूं. मेरा मानना है कि हम बहुत हद तक उसी तरह की स्थिति की ओर आ रहे हैं, जैसा शीत युद्ध के दौर में हमने जिया. हालांकि, दो बेहद महत्वपूर्ण अंतर हैं.”

गुतारेस ने कहा कि शीत युद्ध के दौर में दो महाशक्तियां थीं, जिनका दुनिया के दो क्षेत्रों में हालात पर पूरा नियंत्रण था. उन्होंने कहा, ” अब, हमारे पास कई अन्य देश हैं जो अपेक्षाकृत स्वतंत्र हैं और कई संघर्ष जो हम देख रहे हैं, उसमें उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है.”

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि शीतयुद्ध के दौरान संचार और नियंत्रण के तंत्र थे, ताकि घटनाओं को बढ़ने से रोक जा सके और इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि जब तनाव पैदा होगा तो चीजें नियंत्रण से बाहर नहीं जाएं. उन्होंने कहा कि लेकिन अब वो तंत्र नष्ट हो चुके हैं, इसलिए एहतियात बरतने का समय है, जब प्रभावी संचार और तनाव बढ़ने से रोकना सुनिश्चित करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि उस तरह के तंत्र की एकबार फिर से आवश्यकता है. (इनपुट- एजेंसी)