Ram Mandir Pran Pratishtha: प्राण प्रतिष्ठा से पहले क्यों देव प्रतिमा की आंखों पर बांधी जाती है पट्टी? जानिए इसके पीछे छिपा कारण

Ayodhya Ram Mandir Pran Pratishtha: 22 जनवरी को अयोध्या धाम में निर्मित भव्य राम मंदिर में 5 वर्षीय बाल स्वरूप में भगवान श्री राम विराजमान होंगे. रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए वैदिक अनुष्ठान शुरू हो चुके हैं.

Published date india.com Published: January 17, 2024 6:42 PM IST
Ram Mandir Pran Pratishtha: प्राण प्रतिष्ठा से पहले क्यों देव प्रतिमा की आंखों पर बांधी जाती है पट्टी? जानिए इसके पीछे छिपा कारण

Ram Mandir Pran Pratishtha: देश भर के राम भक्तों के लिए 22 जनवरी का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण रहने वाला है. इसी दिन हिंदू आस्था के प्रतीक कहे जाने वाले प्रभु श्री राम अयोध्या में अपने जन्मस्थली पर विराजमान होंगे. नवनिर्मित भव्य राम मंदिर में प्रभु श्री राम 5 वर्षीय बाल स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देंगे. 22 जनवरी के दिन प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी और इसके लिए वैदिक अनुष्ठान शुरू हो चुके हैं. बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रभु श्री राम के आंखों पर एक पट्टी बंधी रहेगी. आइए जानते हैं, क्या है इसके पीछे छिपा आध्यात्मिक कारण?

प्राण प्रतिष्ठा से पहले देव प्रतिमा की आंखों पर क्यों बांधी जाती है पट्टी?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब कोई भक्त देवालय में भगवान के दर्शन के लिए जाता है तो उन्हें सबसे पहले देवताओं के चरणों का दर्शन करना चाहिए. यह परंपरा पौराणिक काल से चली आ रही है. प्राण प्रतिष्ठा के समय भी ईश्वर के चरण के दर्शन ही किए जाते हैं और मंत्र उच्चारण के बाद भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन होते हैं.

जब कोई भक्त देवालय में भगवान के समक्ष खड़ा होता है तो वह ठीक उनके आंखों में देखता है और अपनी मनोकामनाएं मन ही मन दोहराता है. ऐसी मान्यता है कि प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व यदि कोई व्यक्ति भगवान की आंखों में देख लेता है तो कई बार भगवान अपने भक्त से प्रसन्न होकर उनके साथ चल देते हैं. इसलिए प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व देव प्रतिमा की आंखों को पट्टी से बांधा जाता है और प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही उन्हें खोला जाता है.

वहीं कुछ धर्माचार्य यह भी बताते हैं कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद जब विग्रह में भगवान वास करते हैं तब उनकी आंखों से दिव्य ज्योति प्रकाशित होती है. इसलिए प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत जब पट्टी उतारी जाती है तब दर्पण की सहायता से प्रभु को उनका चेहरा दिखाया जाता है और कई बार दिव्य ज्योति के कारण शीशा टूट भी जाता है. आम मनुष्यों के द्वारा इस दिव्य ज्योति को सहन करना दुर्लभ ही होता है.

इस शुभ मुहूर्त में की जाएगी रामलीला की प्राण प्रतिष्ठा

काशी के प्रकांड ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 84 सेकंड के सूक्ष्म समय में पूरी की जाएगी. प्राण प्रतिष्ठा की मुख्य प्रक्रिया दोपहर 12:29:08 से दोपहर 12:30:32 के बीच पुरी की जाएगी. बता दें कि 22 जनवरी की यह तिथि अशुभ पंच बाण अर्थात- अग्नि बाण, मृत्यु बाण, चोर बाण, नृप बाण और रोग बाण से मुक्त रहेगा. जिस वजह से यह दिन प्राण प्रतिष्ठा के साथ-साथ सभी मांगलिक कार्यों के लिए भी बहुत ही उत्तम रहने वाला है. साथ ही इस विशेष दिन पर पांच शुभ योग का भी निर्माण होने जा रहा है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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