रामलाल के प्राण प्रतिष्ठा पूजन के पांचवें दिन किए जाएंगे ये महत्वपूर्ण अनुष्ठान, जानिए इनके महत्व और आज का शुभ योग

Ayodhya Ram Mandir Pran Pratishtha: 22 जनवरी को होने जा रहे प्रभु श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा (Ramlala Pran Pratishtha) की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. आज यानी 20 जनवरी 2024, शनिवार सुबह से शाम तक देव प्रतिमा में तीन महत्वपूर्ण (Ayodhya News) अधिवास किए जाएंगे.

Published date india.com Published: January 20, 2024 7:30 AM IST
रामलाल के प्राण प्रतिष्ठा पूजन के पांचवें दिन किए जाएंगे ये महत्वपूर्ण अनुष्ठान, जानिए इनके महत्व और आज का शुभ योग

Ayodhya Ram Mandir Pran Pratishtha Day 5: अयोध्या में नवनिर्मित प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए वैदिक अनुष्ठान अब अपने अंतिम चरणों में है. 22 जनवरी (Ramlala Pran Pratishta Date) को होने जा रहे प्राण प्रतिष्ठा के लिए देव प्रतिमा में विभिन्न तत्वों का अधिवास, वैदिक मंत्रोचारण के साथ कराया जा रहा है. रामलाल के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के पांचवें दिन यानी आज देव प्रतिमा में शर्कराधिवास, फलाधिवास और पुष्पाधिवास कराया जाएगा. आज के दिन 6 लाभकारी योग का निर्माण हो रहा है. आइए आचार्य श्याम चंद्र मिश्र जी से जानते हैं इस विषय में.

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के पांचवें दिन बन रहे हैं यह लाभकारी योग

आचार्य मिश्र बताते हैं कि आज यानी 20 जनवरी के दिन प्रातः काल में शर्कराधिवास, फलाधिवास अनुष्ठान होगा और संध्या काल में पुष्पाधिवास किया जाएगा. आज के दिन शुभ योग का निर्माण हो रहा है जो सुबह 11:06 तक रहेगा और इसके बाद शुक्ल योग शुरू हो जाएगा.

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इसके साथ आज के दिन रवि योग का भी निर्माण हो रहा है, जो 07:14 से 21 जनवरी सुबह 03:09 तक रहेगा. आज के दिन कृत्तिका नक्षत्र का भी निर्माण हो रहा है. करण की बात करें तो आज तैतिल और गर दोनों कारण बन रहे हैं, जिन्हें शुभ मुहूर्त की स्वीकृति प्राप्त है.

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए जानिए क्या है आज के अनुष्ठान का महत्व

आचार्य मिश्र आगे बताते हैं कि शास्त्रों में यह विदित है कि देव प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा से पहले मंत्रों के साथ विभिन्न अनुष्ठान किए जाते हैं और भगवान के विग्रह में सभी प्रकार के पवित्र तत्वों का अधिवास कराया जाता है. आज के दिन तीन मुख्य अधिवास कराए जाएंगे- शर्कराधिवास, फलाधिवास और पुष्पाधिवास.

शर्कराधिवास अनुष्ठान में मधुर शर्करा यानी शक्कर का अधिवास कराया जाएगा, फलाधिवास में फलों से अनुष्ठान को पूरा किया जाएगा और पुष्पाधिवास अनुष्ठान में सुगंधित पुष्पों से अनुष्ठान किया जाएगा. बता दें कि जब भी देव प्रतिमा में देवताओं का आवाहन किया जाता है तो उनके आगमन के लिए यह सभी प्रकार के अनुष्ठान किए जाते हैं और विग्रह को इन सभी अनुष्ठानों के माध्यम से देवताओं के निवास के लिए योग्य बनाया जाता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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