नई दिल्ली: कार इंसान की बेसिक जरूरतों में शामिल हो गई है. रोटी-कपड़ा और मकान में अब कार भी शामिल हो गई है. अगर आप भी नई कार खरीदने के बारे में सोच रहे हैं और उसके लिए बैंक से लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो आपको कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखना होगा. सिर्फ ब्याज दरों को देखते हुए लोन लेने का फैसला गलत है. हम आपको बता रहे हैं कि गाड़ी के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

ये हैं जरूरी बातें
-सबसे पहले अगल-अलग फाइनेंसर्स से पता करें कि आपको वह कितना लोन दे सकती है.

-इसके बाद पता करें कि कार की कीमतों में कितने फीसदी लोन मिल सकता है.

-कार लेते समय इस बात का खास ख्याल रहे कि कार की कुल कीमत का कम से कम 20 फीसदी अपनी जेब से दें.

-अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें. जिस बैंक से आप लेनदेन करते हैं और आपके और उस बैंक के मौजूदा संबंध हैं, तो आपको सबसे बहतर दर पर लोन दे सकता है.

-ब्याज दर के अलावा अन्य फीस की तुल्ना करें, जैसे प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोझर, चार्ज, पार्ट प्रीपेमेंट फीस इत्यादि.

-लोन 1 साल से 7 साल तक के लिए ही ठीक होता है. अगर आप इससे ज्यादा लंबा लोन बनाते हैं, तो आपको ब्याज ज्यादा चुकाना पड़ेगा.

-इस बात का खास ख्याल रखें कि आपकी कुल मंथली EMI आपकी कुल कमाई के 35 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

-समय से लोन का पूरा भुगतान करने के बाद बैंक एक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट देता है. जो तीन महीने के लिए मान्य होता है. इसकी एक काॅपी इंश्योरेंस कंपनी में जमा कराकर इंश्योरेंस से बैंक का नाम हटवा दें. इसके अलावा एक काॅपी RTO आॅफिस में जमा कराकर गाड़ी की नई आरसी केवल अपने नाम से बनवा लें.